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आरक्षण पर भागवत के ‘बोल’ कहीं BJP के लिए न खड़ी कर दे मुसीबत

आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आरक्षण की पात्रता पर फैसला करने के लिए एक गैर राजनीतिक समिति गठित की जानी चाहिए। 

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हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आरक्षण की पात्रता पर फैसला करने के लिए एक गैर राजनीतिक समिति गठित की जानी चाहिए। इससे पहले भागवत ने बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले भी आरक्षण को लेकर बयान दिया था।

गैर राजनीतिक समिति का हो गठन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'बहुत से लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आरक्षण किसे मिलना चाहिए इस पर फैसला लेने के लिए एक समिति गठित की जानी चाहिए। समिति को गैर राजनीतिक होना चाहिए ताकि कोई निहित स्वार्थ शामिल न हो।' उन्होंने कहा, 'समाज के किस वर्ग को आगे लाया जाये और उन्हें कब तक आरक्षण दिया जाए इसे लेकर एक समयबद्ध योजना तैयार करना चाहिए।'

सबको मिले बराबरी का मौका
भागवत ने कहा कि समाज में सबके लिए बराबरी को मौका हो। प्रत्येक को समान अवसर मिलना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'किसी खास जाति में जन्म लेने के कारण किसी व्यक्ति को अवसर न मिले ऐसा नहीं होना चाहिए। जब तक यह समस्या रहेगी आरक्षण की स्थिति बनी रहेगी।'

इससे पहले आरक्षण पर क्या बोले थे भागवत?
आरएसएस सुप्रीमो मोहन भागवत ने बिहार चुनाव के समय एक इंटरव्यू में आरक्षण नीति की समीक्षा की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि आरक्षण पर राजनीति हुई है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। रिजर्वेशन पॉलिसी का रिव्यू होना चाहिए। भागवत के इस बयान को लेकर महागठबंधन के नेताओं को जमकर घेर था। कहा यह भी जाता है कि आरक्षण पर भागवत का बयान एनडीए की बिहार में हार की एक वजह बनी।