
Sukma Naxals Encounter: छत्तीसगढ़ में चुनावी माहौल में नक्सलियों और बीच मुठभेड़ हुआ है। सुकमा जिले के घने जंगलों में जमकर फायरिंग हुई। मुठभेड़ में जवानों ने एक नक्सली का एनकाउंटर किया है। जवानों ने हथियार और नक्सली सामान के साथ मृतक आतंकी का शव बरामद किया है। किस्टाराम इलाके में पेलेस्पाड के जंगल में मुठभेड़ हुई है। जवानों को नक्सलियों के जंगल में छिपे होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और 208 वाहिनी कोबरा की संयुक्त टीम जंगल में सर्चिंग के लिए निकल गई।
सुबह - सुबह सुकमा के जंगलों में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। जवान जंगल में सर्चिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे माओवादियों ने जवानों पर जोरदार फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी का मुहतोड़ जवाब देते हुए जवानों ने भी जमकर फायरिंग की, जिसमें एक आतंकी ढेर हो गया। जवानों का पलड़ा भारी देख नक्सली झाड़ियों के आड़े भाग निकले। सुरक्षाबलों ने जंगल से हथियार, नक्सली सामान और एनकाउंटर हुए माओवादी का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
हमले की जानकारी देते हुए SP (Superintendent of police) किरण चव्हाण ने बताया कि, सलातोंग के जंगल में नक्सलियों और जवानों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकी ढेर हुआ है। नक्सलियों की और से लगातार गोलीबारी की जा रही है।
बस्तर में मतदान से तीन दिन पहले यानी (16 अप्रैल दिन – मंगलवार) जवानों और नक्सलियों के बीच अब तक का सबसे बड़ा मुठभेड़ हुआ था। इस हमले में जवानों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ में जवानों का पलड़ा भारी देख नक्सली अपने साथियों के लाश जंगल में ही छोड़कर भाग निकले थे। जवानों ने मारे गए नक्सलियों का शव बरामद किया। इन शवों का मेडिकल कॉलेज के अलग- अलग डॉक्टरों की टीम ने 18 अप्रैल को पोस्टमार्टम किया था। पीएम से पहले माओवादियों के शव की तलाशी ली गई थी, जिस दौरान डॉक्टर्स को कपड़ों के जेब से ‘एकोनाइट’ नामक जहर मिला।
नक्सलियों का खात्मा करने अब जवान जोरों-शोरों से अभियान चला रहे है। सुरक्षाबलों के द्वारा अभियान चलाने से 200 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं मुठभेड़ में 80 से ज्यादा आतंकियों का एनकाउंटर हुआ है। जवानों द्वारा चलाए गए अभियान के बाद बस्तर में नक्सली दशहत कम हो रहे है। अभियान के साथ ही जवान बस्तर के हर इलाके में अपने कैंप खोल रहे है और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर धुर नक्सली इलाकों के ग्रामीणों में जागरूकता ला रहे है और उनका इलाज भी करवा रहे है।
Updated on:
29 Apr 2024, 11:52 AM IST
Published on:
29 Apr 2024, 11:52 AM IST
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