
विद्युत ठेकाकर्मी ऑपरेटर की मौत (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: सुकमा जिले में विद्युत ठेकाकर्मी ऑपरेटरों को विगत चार माह से वेतन नहीं मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे ऑपरेटरों की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि इसका दुखद परिणाम एक ऑपरेटर की मौत के रूप में सामने आया है। इस घटना ने पूरे जिले के विद्युत ऑपरेटरों को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार एराबोर सब स्टेशन में पदस्थ विद्युत ऑपरेटर प्रदीप कडती लंबे समय से बीमार थे। वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण वे किसी अच्छे अस्पताल में समय पर इलाज नहीं करा सके। वेतन की आस में इलाज टलता रहा और अंतत: उनकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर ऑपरेटरों में भारी आक्रोश है।
31 जनवरी को सांकेतिक अवकाशइस घटना से आक्रोशित होकर सुकमा जिले के समस्त विद्युत ठेकाकर्मी ऑपरेटरों ने 31 जनवरी को एकदिवसीय सांकेतिक अवकाश पर रहे। ऑपरेटरों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने मांग की है कि बकाया वेतन, ईपीएफ एवं ईएसआईसी की लंबित राशि का तत्काल भुगतान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
ऑपरेटरों ने सवाल उठाया है कि पिछले डेढ़ वर्षों से वेतन का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किया जा रहा है और उस दौरान कोई ठेका भी प्रभावशील नहीं था, फिर भी वेतन भुगतान में लगातार देरी क्यों हो रही है? इसकी जिम्मेदारी किसकी है, यह आज भी स्पष्ट नहीं है।
प्रदीप कडती परिवार का इकलौता बेटा था। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में पत्नी और तीन साल का एक बच्चा है। समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण वह इलाज के लिए बाहर नहीं जा सका। यदि समय पर वेतन मिलता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो। - एन.के. सीजो, उपाध्यक्क्ष सुकमा विद्युत ऑपरेटर संघ
Published on:
01 Feb 2026 01:03 pm

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