
जगदलपुर/सुकमा. खुदाई के दौरान 31 जनवरी को किन्दरवाड़ा के ग्रामीण मिलाराम को स्वर्ण मुद्राएं मिली, यह बात उसने कुछ दिन किसी को नहीं बताई। स्वर्ण मुद्राएं है यह नहीं इस बात को लेकर एक ग्रामीणों को बताया और बात फैल गई। इसकी भनक पुलिस को लगी और दोनों कलश ले गई और इस मामले को दबा दिया गया और ग्रामीणो को 24 मुद्राएं देकर धमकी दी गई कि किसी को न बताए।
आपको बता दें कि जैसे ही इस शख्स को सोने से भरा कलश मिला उसे कुछ समझ नहीं आया। उसने उसे अपने पास रखा बिना किसी को खबर दिए। मगर जब उसे शंका हुई की ये सिक्के असली सोने के है या नहीं तो उसने बाकि गावं वालों से बात की और बात फ़ैल गयी। आपको मूवी मालामाल वीकली याद तो होगी कुछ ऐसा ही हुआ इस बात के फैलने के बाद। लोगों में होड़ लगा गयी अपना हिस्सा पाने को वहीं पुलिस को पता चलते ही उन्होंने भी सिक्को को अपने पास रख बात दबाने की कशिश की।
शहर से 71 किमी दूर किन्दरवाड़ा में तीन कलश स्वर्ण मुद्राएं मिलने के बाद गांव में सिक्कों को देखने भीड़ लग रही है। इधर तीसरे कलश को लेकर चर्चाओंं का बाजार गर्म है वहीं ग्रामीण अंधविश्वास की वजह से खौफजदा हैं। इधर पुलिस ने अब तक आधिकारिक रूप से सिक्कों की जब्ती नहीं की है। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद ग्रामीणों नेे 130 सिक्के और दिखाए हैं।
इसके तार निचले से लेकर आला अधिकारियों तक जुड़े हैं
सिक्कों की संख्या बढऩे से इसके दावेदारों को लेकर लेकर संशय बरकरार है। इसमें पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि इसके तार निचले से लेकर आला अधिकारियों तक जुड़े हैं। सिक्कों के काल निर्धारण के लिए विशेषज्ञों की समिति निर्णय लेगी। पुलिस के सिक्कों की जब्ती के बाद पुरातत्व संचालनालय विशेषज्ञों की समिति बनाई जाएगी, जो इसके काल के संबंध में चर्चा कर निर्णय लेगी। किन्दरवाड़ा 200 घरों की बस्ती है। यहां धुरवा जाति के लोग रहते हैं। सिक्कों को लेकर नीलाराम सुकमा कलक्टोरेट भी पहुंचे थे। मुद्राओं के संबंध में जब सुकमा एसपी अभिषेक मीणा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नंबर ऑउटऑफ कवरेज बताया।
तीसरे कलश को लेकर चर्चा का बाजार गर्म
ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान बताया कि 154 मुद्राएं उनके पास है। नीलाराम ने बताया कि दो बार उन्होंने खुदाई की थी, दोनो बार सिक्के मिले हैं। 31 जनवरी को खुदाई में 24 सिक्के मिले थे। 20 फरवरी को खुदाई करने पर 130 सिक्के मिले। तीन प्रकार के सिक्के मिले हैं। इधर दबी जुबान से तीन कलशों में भरे हुए 281 सिक्के मिलने की बात कही जा रही है।
पुलिस से अधिकृत जानकारी मिलेगी तो करेंगे कार्रवाई
पुरातत्व संग्रहालय के अध्यक्ष एएल पैकरा ने बताया कि, इस संबंध में मुझे अब तक कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिली है। प्राप्त सिक्कों के अवलोकन के बाद स्पष्ट रूप से निर्णय लिया जा सकता है। इसके लिए संचालनालय विशेषज्ञों की समिति बनाती है। यह समिति ही मुद्राओं के काल के संबंध में निर्णय लेती है। यह तय है कि यह पुरातत्व महत्व के कीमती सिक्के हैं। पुलिस की जब्ती के बाद ही पुरातत्व विभाग आगे की कार्रवाई करता है।
Updated on:
23 Mar 2018 12:26 pm
Published on:
23 Mar 2018 10:53 am
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