
Naxal Surrender: सुकमा जिले में सक्रिय 11 नक्सलियों ने पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। ये नक्सली पूर्व में कई नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली चिंतलनार और जगरगुण्डा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। आत्मसमर्पण के इस प्रयास में सीआरपीएफ की 74, 131, 150, 223 वाहिनी, 201 वाहिनी कोबरा सूचना शाखा और डीआरजी की टीमों ने सहयोग किया।
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन और पुनर्वास नीति तथा सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नियद नेल्ला नार' योजना से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में जोगेन्द्र यादव, हेमला देवा, माड़वी गंगा, मड़कम नंगा, मड़कम मुकेश, हेमला जोगा, बारसे लखमा, सोड़ी मुक्का, मड़कम हुंगा, माड़वी पोज्जा, हेमला सुक्का शामिल हैं।
इन नक्सलियों ने 12 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में बिना हथियार आत्मसमर्पण किया। इस दौरान सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। (Chhattisgarh News) आत्मसमर्पित योजना के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
एसपी ने कहा, अन्य नौ निचले स्तर के कैडर हैं। नक्सलियों ने खोखली माओवादी विचारधारा की निंदा की और राज्य सरकार की नक्सलवाद उन्मूलन नीति के साथ-साथ सुकमा पुलिस के ‘नियाद नेल्लनार पुनर्वास अभियान की सराहना की। उन्हें राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार लाभ मिलेगा।
Naxal Surrender: सीएम विष्णु देव साय ने कहा है कि हम तय समय में नक्सलवाद का खात्मा बस्तर से करके रहेंगे। सीएम ने कहा पिछले एक साल के भीतर हमने 213 माओवादियों का खत्मा बस्तर से किया है। सीएम ने कहा कि अबतक 1,750 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है या गिरफ्तार हुए हैं। (Chhattisgarh News) साय ने जोर देकर कहा कि 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत दूरदराज के गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं।
Updated on:
13 Dec 2024 02:45 pm
Published on:
13 Dec 2024 02:45 pm
बड़ी खबरें
View Allसुकमा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
