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जेल में बंद खूंखार अपराधी ने करायी थी टैक्स कलेक्टर अबरार की हत्या, लेडी डॉन ने निभाई थी भूमिका

जौनपुर जेल में बंद दुर्दांत अपराधी सोनू सिंह ने नगर पालिका के टैक्स अफसर अबरार की हत्या सुपारी देकर करायी थी।

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Sultanpur

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सुलतानपुर. जौनपुर जेल में बंद दुर्दांत अपराधी सोनू सिंह ने नगर पालिका के टैक्स अफसर अबरार की हत्या सुपारी देकर करायी थी। पुलिस ने दावा किया है कि सिपाही हत्याकांड का बदला लेने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। पैसों का लेनदेन अपराधी की पत्नी के जरिए किया गया था। हत्याकांड में शामिल सिपाही सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

बीते 13 सितम्बर को नगर पालिका के टैक्स कर्मी अबरार अहमद की ईदगाह चौराहे के समीप दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने से पहले और बाद की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गयी थी। पुलिस ने दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया था। एसपी ने घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच प्रभारी एसपी सिंह व नगर कोतवाली प्रभारी सुरेशचंद्र मिश्रा को लगाया था। शुरूआती दौर से ही अबरार हत्याकांड को पिछले साल हुई सिपाही कयूम की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा था।

पुलिस ने कयूम के भाई शमीम को पकड़ा तो उसने हत्या के सारे राज उगल दिए। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने नगर के गोलाघाट स्थित पशु अस्पताल मोहल्ले में रहने वाले मित्र सुरेन्द्र कुमार तिवारी के साथ मिलकर अबरार की हत्या की योजना बनायी थी। पुलिस ने जब सुरेन्द्र को पकड़ा तो उसने बताया कि शमीम से उसकी बचपन की दोस्ती है। शमीम के भाई कयूम की हत्या का बदला लेने के लिए शमीम और उसके भतीजे अफसर के साथ जौनपुर के जेल में बंद खूंखार अपराधी सोनू सिंह उर्फ संतोष सिंह की पत्नी नीतू सिंह से नगर के लखनऊ नाका स्थित धर्मशाला में मुलाकात हुई। इसके बाद नीतू सिंह के जरिए डेढ़ लाख रूपए और न्यायालय का खर्चा देने की बात पर अबरार के हत्या की सुपारी तय हुई थी। एडवांस देने के बाद सोनू ने अपने भाई प्रिंस और पहलवान के जरिए अबरार की हत्या करावा दी थी।

"बकरीद के दिन ही तय हुई थी हत्या की तारीख"

सीओ नगर श्यामदेव ने बताया कि सुपारी लेने के बाद सोनू सिंह ने अबरार की हत्या की तिथि बकरीद ? के दिन तय की थी, लेकिन उस दिन शमीम जो लखनऊ में रेडियो विभाग में नौकरी करता है, घर आया हुआ था। मोबाइल लोकेशन नजदीक होने की वजह से शमीम ने उस दिन हत्या बाद में करने की बात कही थी। हालांकि कई तिथि टलने के बाद शमीम अपराधियों से पैसे वापसी की मांग भी करने लगा था।

"इस मामले में दर्ज हुुुआ था झूठा मुकदमा"

अबरार की हत्या के बाद अफसर के अलावा सभी आरोपियों के विरूद्ध झूठा मुकदमा कायम कराया गया था। पुलिस ने जब गहराई से पड़ताल की तो सारी सच्चाई खुलकर सामने आ गयी। भाई कयूम की हत्या के बाद शमीम बदले की आग में झुलस रहा था। एसपी की प्रेसवार्ता में उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी। हत्याकांड में शामिल प्रिंस सोनू का भाई है। जेल में रहते हुए सोनू ने तीन दर्जन से अधिक हत्या की वारदात को अंजाम दिलवाया था। पुलिस का दावा है कि सोनू ने ही नीतू के जरिए भरत भूषण हत्याकांड को भी अंजाम दिलवाया था।

"एसपी ने किया पुलिस टीम को सम्मानित, दिया इनाम"

एसपी अमित वर्मा ने बताया कि अबरार हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रूपए नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। फरार चल रहे दोनों शूटर प्रिंस और पहलवान पर इनाम घोषित कर दिया गया है। दोनों शूटर जौनपुर जिले के है।