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Deepawali Pujan Muhurat 2021 : दीपावली पर इस सरल विधि से करें पूजा, पूरी होंगी सभी इच्छाएं

Deepawali Pujan Muhurat 2021- ज्योतिषाचार्य सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि दीपावली पर पूजा करने का सबसे शुभ समय सूरज के डूबने के बाद का माना जाता है, इस बार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 01 घंटे 55 मिनट की अवधि के लिए रहेगा, शाम 06 बजकर 09 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक चलेगा

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Deepawali Pujan Muhurat Puja Vidhi and auspicious date

Deepawali Pujan Muhurat 2021 : दीपावली पर इस सरल विधि से करें पूजा, पूरी होंगी सभी इच्छाएं

सुलतानपुर. Deepawali Pujan Muhurat 2021- दीपावली हिंदुओं का पवित्र त्यौहार है। पूरे देश में इसे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। दीपावली 04 नवंबर को है, आज 03 नवम्बर को छोटी दीपावली है। अमावस्या पर पड़ने वाले इस त्यौहार को अंधेरे पर प्रकाश की, अज्ञान पर ज्ञान की, बुराई पर अच्छाई की और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक माना जाता है। दीपावली पर पूजा करने का सबसे शुभ समय सूरज के डूबने के बाद का माना जाता है। इस बार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 01 घंटे 55 मिनट की अवधि के लिए रहेगा। शाम 06 बजकर 09 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक चलेगा। दीपावली पर किस पूजा सामग्री के साथ करना चाहिए मां लक्ष्मी का पूजन और क्या है पूजा का विधान बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य सतीश कुमार पांडेय। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से गणेश-लक्ष्मी की पूजा करने वालों की सभी इच्छाएं पूरी होंगी।

दीपावली पर गणेश-लक्ष्मी की पूजा-विधि
ज्योतिषाचार्य सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि दीपावली पर लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने के लिए सफाई बहुत जरूरी है। पूजा वाले स्थान को साफ करने के बाद गंगाजल छिड़कें और उसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल सूती कपड़ा बिछाएं और फिर मुट्ठी भर अनाज रखें। कलश को आधे से अधिक पानी भरकर एक सुपारी और गेंदे का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डाल दें।

कलश की भी पूजा करें
कलश पर 5 आम के पत्ते गोलाकार आकार में रखें और उसके बाद केंद्र में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और कलश के दाहिनी ओर (दक्षिण-पश्चिम दिशा) में भगवान गणेश की मूर्ति रखें। इतना सब करने के बाद एक छोटी थाली लें और चावल के दानों का एक छोटा सा पहाड़ बनाएं। हल्दी से कमल का फूल बनाएं और कुछ सिक्के मूर्ति के सामने रखें। अब देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक करें और दीपक जलाएं। इतना ही नहीं कलश पर भी तिलक लगाएं।

श्रद्धापूर्वक करें पूजन
इसके बाद अपनी आंखें बंद करें और पूजा मंत्र का पाठ कर हथेली में रखे फूल को भगवान गणेश और लक्ष्मी जी को अर्पित कर दें। अगरबत्ती, धूपबत्ती जलाकर मूर्ति पर हल्दी, कुमकुम और चावल डालें और माला गणेश और लक्ष्मी के गले में पहना दें। इसके बाद नारियल, सुपारी, पान का पत्ता माता लक्ष्मी को अर्पित करें। थाली में दीया लें। पूजा की घंटी बजाएं और लक्ष्मी जी की आरती करें। इससे भगवान गणेश और मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। ऐसा करने से इच्छित फल प्राप्त होता है।

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