
Gomti Pull
सुल्तानपुर. जनपद सुल्तानपुर का पवित्र गोमती नदी का पुल इस समय सुसाइड जोन बन गया है। इस गोमती नदी में जहाँ लोग एकादशी के दिन स्नान करते हैं, वही पवित्र गोमती नदी आज के दिनों में सुसाइड जोन बन गया है। अभी सप्ताह भर भी नहीं बीते की दो महिलाओं ने गोमती नदी में कूद कर जान दे दी। और लोग बाग मूकदर्शक देखते रहे।हालांकि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से भी कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
"के एन आई कि छात्रा ने नदी में कूद कर दी जान"
जनपद रायबरेली के रहने वाले राजेन्द्र सिंह ने अपनी पुत्री को सुल्तानपुर के कमला नेहरू इंस्टीटूट ऑफ टेक्नालॉजी में बैचलर ऑफ साइंस में दाखिला करवावाया था। उनके अरमान थे कि बेटी पढ़ लिखकर उनका नाम रोशन करेगी, लेकिन पिता राजेन्द्र को नहीं पता था कि दुनिया में उनका नाम रोशन करने वाली बेटी इस दुनिया को ही हमेशा के लिये छोड़ कर चली जायेगी।
"छात्रा की लाश नदी में की जा रही तलाश"
के एन आई की छात्रा निवेदिता अपने हॉस्टल सुबह लगभग 5 बजकर 30 मिनट पर अपने रूम से निकलकर गोमती नदी के पुल पर पहुंची और नदी में छलांग लगा दी। मौके पर पहुंची स्थानीय थाने की पुलिस ने गोताखोरों को लगा कर नदी में निवेदिता की तलाश कराई, लेकिन लगभग आठ घंटे बाद भी निवेदिता की लाश नही मिली।
"पहले भी गोमती नदी में कइयों ने दी कूद कर जान"
गोमती नदी में पिछले एक वर्ष में कई महिलाएं, लड़कियां व पुरुषों ने कूद कर अपनी जान दी है। किसी ने प्यार में, तो किसी ने जिंदगी से ऊब कर अपनी जीवन लीला समाप्त की। वहीं कई लोगों की हत्या कर शव को गोमती नदी में फेंकने का भी पुलिस का अंदेशा हुआ है। बहरहाल अभी तक इतनी मौतों के बाद भी प्रशासन कोई पुख्ता इंतेज़ाम नहीं कर पा रहा है कि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Published on:
23 Aug 2017 08:34 pm
बड़ी खबरें
View Allसुल्तानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
