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26 करोड़ रूपये से बन था अस्पताल, बदली सत्ता, रुका उद्घाटन

सत्ता परिवर्तन के बाद उद्घाटन होने के इन्तजार में अस्पताल में न तो चिकित्सकों की नियुक्ति हो पा रही है और न ही मेडिकल स्टाफ की तैनाती हो पा रही है।

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Sultnanpur Hopsital

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सुलतानपुर. सपा सरकार में सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अरूण वर्मा के प्रयास से क्षेत्र के विरसिंहपुर में 100 बेड का अस्पताल बनकर तैयार है, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद उद्घाटन होने के इन्तजार में अस्पताल में न तो चिकित्सकों की नियुक्ति हो पा रही है और न ही मेडिकल स्टाफ की तैनाती हो पा रही है। अभी तक जीवन रक्षक मशीनें भी अस्पताल में नहीं लग पाई हैं। क्षेत्रीय लोगों को भी बस इन्तजार है तो उदघाटन के लिये योगी सरकार के ग्रीन सिग्नल मिलने का।

गौरतलब है कि सपा सरकार में क्षेत्रीय विधायक अरूण वर्मा के विशेष प्रयास से तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के बिरसिंहपुर में 100 शैया का अस्पताल बनने को मंजूरी दी थी। क्षेत्र में 100 शैया का अस्पताल बनाए जाने की खबर से क्षेत्रीय लोगों में इस बात को लेकर काफी खुशी थी, लेकिन अस्पताल का भवन तो बनकर तैयार हो गया। इसी बीच समय ने करवट ली और सत्ता परिवर्तन हुआ। सूबे में योगी सरकार बनी। नई सरकार के सत्ता सभांलते ही अस्पताल की तरफ रूख करने वाला कोई भी नहीं है। क्षेत्रीय विधायक सीताराम वर्मा भी इस अस्पताल के उदघाटन में केाई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। 26 करोड़ रूपये की लागत से बने इस अस्पताल के बारे में क्षेत्र के शोभीपुर गांव निवासी व दुकान संचालक धर्मेन्द्र वर्मा कहते हैं कि अस्पताल समय से चालू न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का समना करना पड़ रहा और मरीजों को महंगे इलाज के लिये बाहर का रूख करना पड़ रहा है।

बहाउद्दीनपुर गांव निवासी ओम प्रकाष तिवारी का कहना है कि सरकारी सम्पत्ति है। योगी सरकार को चाहिए कि इस अस्पताल को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी इसका उद्घाटन कराये, जिससे क्षेत्रीय लोगों को इलाज के लिये बाहर न जाना पड़े।

सीएमओ सीवीएन त्रिपाठी ने बताया कि निर्माण एजेन्सी ने इस अस्पताल भवन को मार्च माह में हैण्डओवर करने को कहा है। 26 करोड़ से बनने वाले इस भवन के लिए निर्माण एजेन्सी को साढे पच्चीस करोड़ रूपया जारी कर दिया गया है। निर्माण एजेन्सी हर हाल में मार्च माह में यह अस्पताल भवन बना देगा व विभाग को हैण्डओवर कर देगा। और उसके बाद अस्पताल को चालू कराने के लिये आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।