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अब एक और कैदी की हुई मौत, जेल महकमे में मचा हड़कंप

सुल्तानपुर जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था का हाल एकदम बेहाल है।

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Sultanpur Jail

Sultanpur Jail

सुल्तानपुर. जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की सच्चाई कुछ महीनों पहले ही बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी जैसे कुख्यात अपराधी की दिन-दहाड़े हत्या से सामने आ गई थी, लेकिन सुल्तानपुर जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था का हाल एकदम बेहाल है। सुल्तानपुर जेल में एक कैदी के फांसी लगाकर हुई मौत के मामले में कारागार प्रशासन कितनी जिम्मेदार है, इसपर सवाल उठ रहे हैं?

कैदी की निर्माणाधीन बैरक में फांसी से लटकर मौत-

मामला सुल्तानपुर जेल का है, जहां मंगलवार/बुधवार की रात लगभग 8 बजे लम्भुआ थाना क्षेत्र के गोपालापुर गांव निवासी बृजेश शुक्ल उर्फ श्याम सुंदर शुक्ल (32) ने जेल में निर्माणाधीन बैरक में फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जाता है कि मृतक बृजेश शुक्ल धारा 363 एवं गैंगेस्टर एक्ट के तहत जेल में बंद था। उस पर इसी हफ्ते न्यायालय का फैसला आना था। जेल में कैदी द्वारा फांसी लगाकर जान दिए जाने की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। आनन- फानन कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी। फिलहाल फांसी लगाये जाने की वजह अभी पता नहीं चल सकी है।

क्या है मामला-
लंभुआ थानाक्षेत्र के गोपालपुर का रहने वाला ब्रजेश शुक्ला 31 दिसंबर 2016 को अपहरण और गैंगेस्टर के आरोप में जेल में बंद हुआ था। ब्रजेश मंगलवार को पेशी के लिये दीवानी न्यायालय में हाज़िर भी हुआ था, लेकिन देर रात जेल प्रशासन ने जिला प्रशासन को रात करीब 8:30 बजे सूचना दी कि ब्रजेश शुक्ला ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है।

बन्दी की जेल में जान देने की सूचना से मचा हड़कंप-

जेल में फांसी लगाये जाने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन -फानन में कई अधिकारी अमहट स्थित जिला जेल पहुंचे और छानबीन शुरू कर दी है।

बड़ा सवाल-
अब सवाल ये उठता है कि एक अपराधी जिस पर बड़ी धाराओं के मुकदमे चल रहे थे, जो कल सुबह ही कोर्ट में हाजिर भी हुआ था,अचानक उसने कारागार वापस आकर फांसी क्यों लगाई? सवाल तो ये भी उछल रहा है कि ब्रजेश ने जेल में इस तरह फांसी क्यों और कैसे लगाई ?

बहरहाल ब्रजेश के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया हैं और उसकी मौत की सूचना परिजनों को दे दी गयी हैं। जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि मृतक बन्दी बृजेश शुक्ल के मामले में जल्द ही न्यायालय से फैसला आना था, जिसकी वजह से वह नर्वस रहता था।

जेल पहुंचे डीआईजी

जेल में बन्दी द्वारा फांसी लगाकर जान देने की घटना की जानकारी होने पर लखनऊ से जेल डीआईजी उमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने जेल पहुंचकर जांच पड़ताल की।