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डॉक्टरों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल संचालक समेत दो डॉक्टरों पर केस दर्ज

शहर के नबीपुर मोहल्ले में स्थित जसलोक अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से प्रसूता व उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई।

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डॉक्टरों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल संचालक समेत दो डॉक्टरों पर केस दर्ज

डॉक्टरों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल संचालक समेत दो डॉक्टरों पर केस दर्ज

सुलतानपुर. शहर के नबीपुर मोहल्ले में स्थित जसलोक अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से प्रसूता व उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई। जच्चा-बच्चा की मौत की खबर वहां मौजूद झोलाछाप चिकित्सकों ने परिजनों को टेलीफोन पर दी। प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत की खबर सुनकर परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। जच्चा-बच्चा की मौत की खबर सुनकर अस्पताल पहुंची पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर में जसलोक अस्पताल के संचालक समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपी चिकित्सकों की तलाश कर रही है।

दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज :- बीती रात शहर के नवीपुर मोहल्ले में स्थित जसलोक हॉस्पिटल में डॉक्टर की लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौके पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो डॉक्टरों के सहयोगियों ने उनसे बदसलूकी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। इस घटना में पति की तहरीर पर पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

डॉक्टर ने कहा कि पूजा ठीक है :- जानकारी के अनुसार देर रात कूरेभार थाना क्षेत्र के तिवारीपुर चंदौर गांव निवासी प्रदीप तिवारी ने पत्नी पूजा तिवारी को प्रसव पीड़ा के चलते शहर के जसलोक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। मृतक पूजा के देवर बिक्कू तिवारी के अनुसार अस्पताल संचालक बीके शुक्ला को रात को फोन किया गया, उन्होंने मरीज को भर्ती कराने को कहा था। बुधवार को बच्ची पैदा हुई और 40 मिनट बाद स्टाफ ने बताया कि बच्ची मर गई है। बिक्कू ने बताया, 'डॉक्टर ने कहा कि पूजा ठीक है, उसे कुछ नहीं होगा।'

डॉक्टर वहां से भाग गए थे :- बिक्कू कहते हैं, 'हम सभी बच्ची का अंतिम संस्कार करने गांव जा ही रहे थे कि रास्ते में फोन आया कि पूजा में कोरोना का लक्षण पाया गया है वह किसी भी प्रकार से बच नहीं सकती। डॉक्टर ने फोन पर कहा कि एम्बुलेंस में भेज दे रहा हूं ताकि पुलिसवालों को मालूम नहीं पड़े। जब हम सब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर वहां से भाग गए थे।'

अस्पताल सैनेटाइज नहीं हुआ :- लोगों का कहना है कि मृतका की मौत कोरोना से हुई तो अस्पताल सील क्यों नहीं किया गया? 12 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अस्पताल सैनेटाइज तक नहीं कराया गया। हालांकि, अस्पताल में कई मरीज ऐडमिट हैं। इस मामले पर जब सीओ सिटी सतीश चंद्र शुक्ल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर पर केेेस दर्ज किया गया है। ऐसे लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।