
यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2020 : इस तारीख को छिन जाएंगे ग्राम प्रधानों के अधिकार
सुलतानपुर. पंचायतराज अधिनियम के मुताबिक पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर खत्म हो जाएगा। पंचायतों के कार्यकाल पूरा होने के साथ ही ग्राम प्रधानों के हाथों से गांवों के विकास की छड़ी छूट जाएगी और ग्राम पंचायतों की बागडोर विकासखण्डों में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) के हाथों में चली जाएगी यानी कि ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत प्रशासक के तौर पर कामकाज देखेंगे। ग्राम पंचायतों में प्रशासक की नियुक्ति के लिए पंचायतराज विभाग में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मतदाता सूची में नाम कटाने-बढ़ाने का चल रहा खेल :- प्रधान, पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी के चुनाव को लेकर गांवों में गहमागहमी शुरू हो गई है। चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक उम्मीदवार अभी से लोगों को अपने पाले में करने के लिए जुट गए हैं और अभी से एक-एक वोट का गुणा-गणित बिठाकर जीत के वोटरों का बंदोबस्त कर रहे हैं। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और विरोधियों के नाम कटवाने के भी खेल किए जा रहे हैं। संभावित उम्मीदवार लोगों से पूछ-पूछ कर मतदाता सूची में नाम है या नहीं और फिर उनका फार्म भरवा रहे हैं।
प्रशासकों की नियुक्ति की तैयारियां शुरू :- जिला पंचायतराज अधिकारी अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासकों की नियुक्ति के लिए अभिलेख तैयार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 कार्यकाल खत्म हो रहा है, ऐसे में प्रधानों के अधिकार सीज होते ही एडीओ को प्रशासक बना दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत चुनाव लड़ेंगी राजनीतिक पार्टियां :- इस बार ग्राम पंचायतों के चुनाव में राजनीतिक पार्टियां भी दो-दो हाथ करने के मूड में हैं। सपा, बसपा, आप और भाजपा ने भी पंचायत चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। पार्टियां त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्येक पद के लिए दावेदारों की तलाश में जुट गई हैं। आम आदमी पार्टी और बसपा में कुछ खास तरह की तैयारियां की जा रही हैं। सभी दलों के नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए पंचायत चुनाव में उतरने का मन बना लिया है।
आरक्षण पर है नजर :- समाजवादी पार्टी हर बार के पंचायत चुनाव में पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ती रही है। इस बार भी पार्टी तैयारी में जुटी हुई है। कांग्रेस ने भी इस चुनाव में मुकाबले को रोचक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है लेकिन परिसीमन और मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। चुनाव की दावेदारी कर रहे लोगों की नजर इस तरफ है कि उनके गांव की सीट किस जाति के लिए आरक्षित होती है।
Published on:
08 Dec 2020 10:29 am
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