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कश्मीर का सेब, थायलैंड के अमरूद से यूपी के किसानों की 10 लाख की हो रही कमाई

जिले में एक या दो नहीं बल्कि पूरे 200 पेड़ों के फलों से लदे सेब के बाग यहां के किसानों की कामयाबी की दास्तां लिख रहे हैं। किसान सरताज खान और प्रदीप थाईलैंड का गुलाबी अमरूद, भुसावल का केला, आम भी खूब उपजा रहे हैं। टमाटर, लोबिया, करेला आदि की जैविक खेती में भी फायदा हो रहा है। प्रति एकड़ करीब 8 से 10 लाख रुपये की आमदनी होती है।

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Thailand Guava and Kashmiri Apple in Sultanpur

बीते कुछ वर्षों में किसानों का रुझान बागवानी की तरफ बढ़ा है। किसान अब परंपरागत खेती को छोड़कर प्रोग्रेसिव फार्मिंग की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। बागवानी वाली फसलों की अपनी चुनौतियां और खर्च हैं लेकिन अगर वैज्ञानिक सुझाव को मानते हुए खेती की जाए तो इसके फायदे भी अपार हैं। ऐसे में बागवानी की खेती में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सुल्तानपुर के किसान थाईलैंड के अमरूद और कश्मीर के सेब का उत्पादन कर रहे हैं। इससे उन्हें खेती के साथ-साथ अलग तरह के पौष्टिक फलों का भी फायदा मिल रहा है। सुल्तानपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से भारत स्वावलंबी अभियान की जिलास्तरीय अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यशाला में सुल्तानपुर के किसानों, बागबानों व उद्यमियों की कामयाबी देख विशेषज्ञ भी हैरत में पड़ गए। वादी-ए-कश्मीर के गुणों से भरपूर स्वादिष्ट और पौष्टिक सेब हो या थाईलैंड के भारीभरकम गुलाबी अमरूद, ये सब अब सुल्तानपुर के खेतों और बागों में उपजाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इससे किसानों को प्रति एकड़ मोटा मुनाफा हो रहा है।सुल्तानपुर जिले में एक या दो नहीं बल्कि पूरे 200 पेड़ों के फलों से लदे सेब के बाग यहां के किसानों की कामयाबी की दास्तां लिख रहे हैं। किसान सरताज खान और प्रदीप थाईलैंड का गुलाबी अमरूद, भुसावल का केला, आम भी खूब उपजा रहे हैं। टमाटर, लोबिया, करेला आदि की जैविक खेती में भी फायदा हो रहा है। प्रति एकड़ करीब 8 से 10 लाख रुपये की आमदनी होती है। स्वावललंबी अभियान में ऐसे युवा किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम बीजेपी नेता डॉ. रामजजी गुप्ता की अध्यक्षता व अभियान के जिला समन्वयक डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

बता दें कि आरएसएस ने अपने अनुषांगिक संगठनों के साथ भारत को स्वावलंबी बनाने का अभियान छेड़ा है। इसी सिलसिले में स्वदेशी जागरण मंच व अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के सहयोग से सहकार भारती, संस्कार भारती, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, विश्व हिंदू महासंघ आदि ने जिलामुख्यालय स्थित भाजपा सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

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'बाजार का रखें ख्याल, उपजा सकते हैं आप सबकुछ यहीं'

विद्यार्थी परिषद के जिला प्रमुख डॉ. संतोष सिंह 'अंश' के संचालन में सर्वप्रथम बागवानी विशेषज्ञ वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक फ़ाज़िल व पवन सिंह ने सत्र को संबोधित किया। दोनों विशेषज्ञों ने कहा कि कई कमाल किया है इनायतपुर के सिरताज खान व मायंग के प्रदीप ने। एक ने कश्मीरी सेब तो दूसरे ने थाईलैंड के गुलाबी अमरूद उपजाना शुरू कर दिया है। इनके कार्य अनुकरणीय हैं। हमें सिर्फ मिट्टी की गुणवत्ता और विशेषज्ञों की सलाह लेते रहना चाहिये। हममें हिम्मत और लगन हो तो कुछ भी कहीं भी कर सकते हैं।अब दुनिया बदल चुकी है। बाजार का ख्याल रखें।अब सब कुछ यहीं उपजा कर आत्मनिर्भर हुआ जा सकता है। ... बागबां अपने बगीचों से सेब और अमरूद, आम, चीकू आदि लेकर कार्यशाला में पहुंचे थे। इसी तरह बेहतरीन आम-केला उपजाने वाले सोहगौली के गंगा प्रसाद दुबे व सुरेश सिंह की भी खूब तारीफ की विशेषज्ञों ने। स्वयं सहायता समूहों के जरिये कामयाबी के सोपान गढ़ रहीं किरन,सविता समेत सभी को प्रशस्तिपत्र प्रदान किये गए।

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