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विवेक तिवारी नहीं ये था मुद्दा, पुलिस ने फिर काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन, इस बार अफसर नहीं कर पाएंगे सस्पेंड

विवेक तिवारी नहीं ये था मुद्दा, पुलिस ने फिर काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन, इस बार अफसर नहीं कर पाएंगे सस्पेंड

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काली पट्टी बांधकर यूपी पुलिस के सिपाहियों ने फिर किया प्रदर्शन, अब विवेक तिवारी नहीं यह है मुद्दा

सुलतानपुर. जिले में भी पुलिस कर्मियों ने बांहों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस लाइन स्थित सरकारी मेस में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों ने इसे लखनऊ में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड से जोड़कर नहीं देखने की बात कही है, लेकिन विभागीय सूत्रों का कहना है कि यहां भी विवेक तिवारी हत्याकांड में जेल भेजे गए दोनों सिपाहियों पर हुई कार्रवाई के विरोध की आग अन्दर ही अन्दर सुलग रही है ।

भयमुक्त होकर सिपाहियों ने किया विरोध प्रदर्शन

यहां जिले में अपने ऊपर किसी भी कार्रवाई होने से बेखौफ सिपाहियों ने डीजीपी ओपी सिंह के निर्देशों पर सवालिया निशान लगाते हुए सामूहिक मेस का बहिष्कार किया। यही नहीं, पुलिसकर्मियों ने बांह में काली पट्टी बांधकर सरकारी नीति पर विरोध दर्ज कराया। विरोध जताने वाले पुलिसकर्मियों ने पहचान छिपाने के लिए कागज में लिखे स्लोगन से मुंह ढक रखा था। इस फोटो को सोशल मीडिया पर अपलोड भी किया गया।


दरअसल, गुरुवार सुबह खाना खाने पुलिसकर्मी मेस पहुंचे जहां कोई पुलिस का अधिकारी मौजूद नहीं था। बताया जाता है कि विरोध दर्ज कराने वालों में सभी सिपाही दर्जे के ही थे । स्लोगन में लिखे गए थे कि वेतन की विसंगतियां दूर हों, बॉर्डर स्कीम रद्द हो, 1861 पुलिस ऐक्ट में संशोधन किया जाए, पेंशन बहाल की जाएं आदि-आदि । यही नहीं, इसमें यह भी जिक्र था कि इस विरोध का विवेक हत्याकांड से कोई लेना -देना नहीं है।


एडीजी बोले अनुशासनहीनता क्षम्य नहीं


त्योहारों और दुर्गा पूजा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने जिले में पहुंचे एडीजी जोन राजीव कृष्ण से जब वायरल फोटो के बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस विभाग की तरफ से पुलिसकर्मियों की हितों के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है । कोई भी पुलिसकर्मी सरकारी नियमों के तहत अपनी बात रख सकता है । यदि अनुशासन से हटकर कोई बात होगी, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जायेगी । उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों ने जिस तरीके से विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया है, यह गंभीर विषय है।