
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जद में यूपी का सुंदर सरोवर खासियत जानकर चौक जाएंगे आप
सुलतानपुर । जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र में स्थित अद्भुत, अलौकिक व अमूल्य धरोहर राष्ट्रीय पुष्प कमल सरोवर को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे ने दो खण्डों में कर दिया अधिकांश जल क्षेत्र को पाटकर एक्सप्रेस वे का निर्माण कर दिया गया। जिसमें कुछ बचे हुए अवशेष सरोवर में हर साल प्रवासी पक्षियों व सरोवर को संरक्षित करने की जरूरत है फिर भी क्षेत्र के लोग अवशेष बचे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में आदर्श,एवं दर्शनीय तालाब बनाने की आस लगाए बैठे हैं।
अस्तित्व की तलाश में कमल का सरोवर
राजस्व अभिलेखों व भौगोलिक मैप में सैकड़ों बीघे में फैला यह कमल सरोवर संभवतः दिखाई न देता हो , लेकिन रायबरेली टाण्डा हाईवे के ठीक किनारे जयसिंहपुर क्षेत्र के चांदपुर रामनाथपुर ,भीखूपुर गांव के बगल रैदहा के तालाब में सैकड़ों बीघे में राष्ट्रीय पुष्प कमल का फूल क्षेत्र के लिए अलौकिक छटा बिखेरने वाले इस राष्ट्रीय पुष्प को क्षेत्र का धरोहर कहा जा सकता है। परंतु आज इसी तालाब के किनारे से जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य से यहां की अमूल्य ,अलौकिक धरोहर संपदा व खूबसूरती अपने अस्तित्व को तलाश रही है।
सरोवर पर निवास करती हैं प्रवासी पक्षियों
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे निर्माण के बाद भी अभी काफ़ी क्षेत्रफल में राष्ट्रीय पुष्प कमल बचा हुवा है यदि इसे संरक्षित कर इसका सुंदरी करण कर दिया जाय तो यह स्थान इस एक्सप्रेस वे के सबसे सुन्दर स्थलों में शुमार किया जाने लगेगा मालूम हो कि इसी रैधवा तालाब में इस एक्सप्रेस वे का लखनऊ के बाद सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट भी है यहीं से सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर व रायबरेली टाण्डा हाइवे से इसी स्थान पर लोग एक्सप्रेस वे के ऊपर व नीचे आते जाते हैं । इसी कमल सरोवर में प्रति वर्ष प्रवासी पक्षियों का झुण्ड प्रवास के लिये हजारों की तादात में यहाँ शीत काल मे आते है व प्रवास करते है प्रवासी पक्षियों की आवाज आने जाने वालों को जरूर अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। किंतु आज जब इस कमल सरोवर पर ही संकट खड़ा हो गया है तो आने वाले इन प्रवासी पक्षियों के अस्तित्व पर भी इसका असर जरूर पड़ेगा ।
ऐतिहासिक सरोवर को विकसित करने की मांग
स्थानीय लोगों प्रधान चांदपुर बीरेन्द्र दुबे प्रधान प्रतिनिधि रामनाथपुर दिलीप सिंह चुन्ने दुबे समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय नेताओं व जनप्रतिनिधियों से इस कमल सरोवर को संरक्षित इसे पर्यटन स्थल बनाने की कई बार मांग की किन्तु अभी तक इस पर किसी भी जनप्रतिनिधि ने अमल नही किया। स्थानीय लोंगों का कहना है कि जिले के सबसे बड़े इस ऐतिहासिक कमल सरोवर को संरक्षित कर इसे पर्यटन स्थल बनाया जाना चाहिए। जिससे क्षेत्र के विरासत के रूप में स्थित इस सरोवर का एक नया पहचान बनाया जा सके।
Published on:
02 Mar 2022 10:16 am
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