जिला मुख्यालय से 18 किमी दूर नारायणपुर में रहने वाले एक परिवार को केवल इसलिए समाज से बाहर कर दिया गया क्योंकि उसने अपने यहां आयोजित दावत में गैर समाज के लोगों को भी निमंत्रण देकर बुलाया था। दावत में गैर समाज के लोगों को शराब पिलाने का आरोप लगाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। इससे बहिष्कृत परिवार के सदस्य सदमे में हंै और पुलिस से कार्रवाई व सुरक्षा की मांग की है।
गौरतलब है कि रामानुजनगर जनपद क्षेत्र के ग्राम नारायणपुर निवासी आस मोहम्मद खान द्वारा रामानुजनगर पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया है कि पुत्र अख्तर अली के विवाहोपरांत 8 मई 2016 को दावते वलिमा का आयोजन किया था। इसमें गैर समाज के लोग भी शिरकत किये थे।
इस पर 2 जून 2016 को समाज की बैठक बुलाकर यह आरोप लगाया गया कि दावते वलिमा में उसने गैर समाज के लोगों को बुलाकर शराब पीने के लिए प्रेरित किया। समाज के लोगों को गैर समाज के लोगों के मध्य एक साथ खाना खिलाया जो समाज के नियमों के विपरीत है इसलिए अख्तर अली को समाज से बाहर किया जाता है।
यदि अख्तर अली समाज में रहना चाहता है तो 11 हजार रुपए कमेटी में जमा करे। लेकिन अख्तर ने अपने उपर लगाये गये आरोपों को गैर वाजिब बताते हुए जुर्माना देने से इंकार कर दिया तो कमेटी द्वारा अख्तर के छोटे भाई नसीब को भी समाज से निकालने का फरमान सुना दिया गया।
आवेदक आस मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि कमेटी ने घर- समाज में आवाजाही, बोल चाल, पानी पीने, मोहल्ले के हैण्डपम्प के उपयोग, सामान क्रय-विक्रय, वाहन किराये से लेने-देने, धार्मिक व जीवन, मरण कार्यक्रम में शिरकत पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बाकायदा इस संबंध में इश्तहार जारी कर देने से पूरा परिवार सदमे में है।
आस मोहम्मद ने कहा कि आगामी 13 सितम्बर को बकरीद के दिन होने वाली नमाज अदायगी पर भी रोक लगा दी गई है। उन्हें व परिवार वालों को धमकी भी मिल रही है। इससे परेशान परिवार ने सुरक्षा की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
रामानुजनगर थाना में लिखित शिकायत मिली है। आवेदक द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।