सूरत

छह साल में 10,850 मरीजों की हुई नि:शुल्क नेत्र सर्जरी

- 12 अक्टूबर को विश्व दृष्टि दिवस : इस साल की थीम 'काम पर अपनी आंखों से प्यार करें' ...

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Oct 12, 2023
छह साल में 10,850 मरीजों की हुई नि:शुल्क नेत्र सर्जरी

सूरत. अंधेपन, दृष्टि हानि को रोकने तथा लोगों को जागरूकता करने के उद्देश्य से हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को ‘विश्व दृष्टि दिवस’ मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस 12 अक्टूबर को 'काम पर अपनी आंखों से प्यार करें' की थीम पर मनाया जा रहा है। सूरत के चौक बाजार के पुराने सिविल अस्पताल में पिछले छह वर्षों में 1,68,388 मरीजों ने आंखों का इलाज कराया और 10,850 मरीजों ने आंखों की निशुल्क सर्जरी करवाई।

अपनाएं 20-20-20 फॉर्मूला

चौक बाजार पुराने सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ऋषि कुमार माथुर ने बताया कि आज के तकनीक दौर में कंम्प्यूटर, मोबाइल, टेलीविजन, लैपटॉप जैसे कई उपकरणों का अधिक उपयोग होने से लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इसका असर आंखों पर पड़ रहा है। आमतौर पर, कार्यालय कर्मचारी हर दिन कंम्प्यूटर पर औसतन 8 घंटे काम करते हैं। इससे आंखों की समस्याएं भी बढ़ गई हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए इस साल विश्व दृष्टि दिवस थीम पर काम पर अपनी आंखों से प्यार करें" थीम पर मनाया जा रहा है। जब आपके पास आठ घंटे का स्क्रीन समय हो तो आंखों की क्षति से बचने के लिए 20-20-20 फॉर्मूला है। इसमें काम के दौरान हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लेकर 20 फीट दूर की किसी चीज को देखने से आंखों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। डॉ. माथुर ने कहा कि कोरोना काल में बच्चों के जीवन और व्यवहार में बदलाव आया है। बच्चे अंतर्मुखी होते जा रहे हैं, वे मैदान में खेलने के बजाय कम्प्यूटर या मोबाइल पर खेलना, रील या कार्टून देखने में समय बिता रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा में भी लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना पड़ता है। जिससे आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों को सप्ताह में कम से कम दो से तीन दिन बाहर आउटडोर गेम्स के लिए ले जाना चाहिए। खुले वातावरण में खेलने से शारीरिक और मानसिक विकास भी होगा।

यह सावधानी रखें

किसी बच्चे की नजर पहले ही कमजोर है तो इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना बहुत हानिकारक है। ऐसे में जब बच्चे स्क्रीन के सामने ज्यादा बैठते हैं तो बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी है। - बच्चे को चश्मा लग गया है तो उसे नियमित रूप से पहनाएं। - बच्चों को पौष्टिक आहार में यथासंभव फल और सब्जियां खिलाएं। - बच्चों की दैनिक गतिविधियों में आंखों के व्यायाम को शामिल करें।

Published on:
12 Oct 2023 09:42 pm
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