किशोरी को प्रेमजाल में फंसा कर महाराष्ट्र ले गया था आरोपी, अन्य एक को संदेह का लाभ
सूरत. सरथाणा क्षेत्र की किशोरी को प्रेमजाल में फंसा कर भगा ले जाने और यौन संबंध बनाने के मामले में सेशन कोर्ट ने आरोपी को अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
मूलत: महाराष्ट्र के वासिम जिले की मालेगांव तहसील के डोंगरकीनी गांव और यहां सीमाडा निवासी आरोपी आकाश सुभाष पावनमारे और प्रमोद अश्रु पुरूषोत्तम के खिलाफ सरथाणा थाने में अपहरण-बलात्कार तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। आरोप के मुताबिक आरोपी आकाश ने पड़ोस में रहनेवाली परिवार की 17 वर्षीय किशोरी को प्रेमजाल में फंसाया। उसके बाद 3 जून, 2021 को आरोपी किशोरी को शादी का झांसा देकर भगाकर महाराष्ट्र ले गया। यहां उसने किराए के रूम में किशोरी को रखा और उसके साथ चार से पांच बार यौन संबंध बनाए। इधर, पुत्री के लापता होने पर पिता ने सरथाणा थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच में जुटी पुलिस ने 18 जून को आरोपी को महाराष्ट्र से धर दबोचा और किशोरी को मुक्त करवाया। यौन संबंध बनाने की हकीकत सामने आने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी में बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराएं शामिल की। वहीं, आरोपी को रहने की व्यवस्था करने के लिए मददगार बने आरोपी प्रमोद को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश करने के बाद से मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक सुरेश पाटिल आरोपों को साबित करने में सफल रहे। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी आकाश पावनमारे को अपहरण-बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी प्रमोद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
80 हजार रुपए लेकर गई थी किशोरी
आरोपी ने किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का झांसा दिया था। 3 जून को उसने किशोरी को सूरत रेलवे स्टेशन के पास बुलाया। किशोरी अपने साथ घर से 80 हजार रुपए लेकर गई थी। सूरत रेलवे स्टेशन से आरोपी कार में किशोरी को पहले धुलिया और बाद में पर्तुरगांव ले गया। यहां उसने हनुमान मंदिर में किशोरी को मंगलसूत्र पहना कर शादी की और दोनों किराए के रूम में पति-पत्नी की तौर पर रहने लगे थे।