सूरत महानगर पालिका ड्रॉफ्ट बजट पेश, ग्रीन म्युनिसिपल बाॅन्ड से जुटाएंगे 100 करोड़ रुपए, मनपा दूसरे शहरों को देगी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी सर्विस, स्टार्टअप के लिए बनेगा सूरत सिटी इकोनॉमिक सेल, आय के नए स्रोत खोजने पर जोर, मनपा ने महिलाओं की सहूलियतों के लिए भी खोला पिटारा
सूरत. वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 7,707 करोड़ रुपए का ड्रॉफ्ट बजट पेश करते हुए सूरत महानगर पालिका आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने सूरतीयों की क्वालिटी लाइफ के लिए कई अहम प्रस्तावों को बजट में प्रस्तुत किए। हालांकि इसमें नागरिकों पर 307 करोड़ रुपए का कर बोझ भी डाला गया है।
मंगलवार को साइंस सेंटर में ड्रॉफ्ट बजट पेश करते हुए आयुक्त ने शहर विकास के लिए 3,519 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान रखा। शहर की सीमा में शामिल हुए नए क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। इसके तहत विकास के लिए 824 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। आयुक्त ने कहा कि कर वृदि्ध से अर्जित आय का बड़ा हिस्सा शहर के विकास पर खर्च किया जाएगा।
बजट पेश करते हुए मनपा आयुक्त ने कहा कि सूरत में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और शीर्ष शहरों की कतार में खड़ा करना उनकी प्राथमिकता है। विकास के कामों को लेकर समझौता नहीं किया जाएगा। आयुक्त ने राजस्व के नए स्रोत खोजने के साथ ही कई परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर आगे बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। बजट में सभी वर्गों महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, गरीब, मध्यम से अमीर वर्ग को ध्यान में रखकर योजना बनाई गई है।
अब तक परिपाटी रही है कि ड्राफ्ट बजट में बड़ी राशि विकास कामों के लिए आवंटित होती रही है, लेकिन विकास कार्यों पर 1850 करोड़ से अधिक की राशि कभी खर्च नहीं हुई। आयुक्त ने भरोसा दिलाया है कि बजट के प्रस्तावों को समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। आयुक्त ने चालू वित्त वर्ष में भी केपिटल बजट का आंकड़ा 25 सौ करोड़ तक पहुंचने की बात कही।
कुछ नए तो कई पुराने प्रोजेक्ट्स भी
ड्राफ्ट बजट में कई पुराने चल रहे प्रोजेक्ट्स के कामों को स्पीलओवर में लिया गया है। इनमें तापी शुदि्धकरण, आउटर रिंगरोड, डुमस सी-फेस समेत कई प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। साथ ही मनपा मुख्यालय, शहर में तीन नए ब्रिज, टर्सरी ट्रीटमेंट प्लांट, साइंंस एंड किड्स सिटी सेंटर समेत कई आइकॉनिक प्रोजेक्ट्स को शामिल किया है।
ग्रीन बॉन्ड समेत कई योजनाओं पर फोकस
मनपा आयुक्त ने कहा कि ग्रीन म्युनिसिपल बाॅन्ड से सौ करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। इसके लिए केंद्र से दस करोड़ रुपए का इंसेंटिव भी मनपा को मिलेगा। आय के नए स्रोत खोजने के क्रम में मनपा दूसरे शहरों को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी सर्विस देगी। इससे होने वाली आय शहर के विकास पर खर्च होगी। साथ ही स्टार्टअप के लिए सूरत सिटी इकोनॉमिक सेल के गठन का भी ऐलान किया। मनपा आयुक्त ने महिलाओं की सहूलियतों के लिए भी शी टॉयलेट व ब्रेस्ट फीडिंग सेंटर खोले जाने की बात कही।
सूरत में पिछले 10 साल से नहीं बढ़ा टैक्स
सूरत में 10 साल से कर वृदि्ध नहीं हुई है। राज्य सरकार की महानगर पालिकाओं के आत्मनिर्भर बनने के सुझाव के बाद आयुक्त ने बजट में कर वृदि्ध का प्रस्ताव रखा है।
352 करोड़ का रेवेन्यू सरप्लस
कई वर्ष में यह पहला मौका है जब सूरत मनपा का बजट रेवेन्यू सरप्लस रहा है। बजट में कर प्रावधानाओं और आय के दूसरे स्रोतों के साथ ही इस बार के ड्राफ्ट बजट में 352 करोड़ का रेवेन्यू सरप्लस रहा है। भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए इसे अहम माना जा रहा है।