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ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक-एक सीट के लिए मारामारी

ग्रीष्मावकाश में सूरत और उधना स्टेशन से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़-भड़क्का जारी है। रविवार को सूरत स्टेशन का....

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A fight for one seat in the general coach of Tapti Ganga Express

A fight for one seat in the general coach of Tapti Ganga Express

सूरत।ग्रीष्मावकाश में सूरत और उधना स्टेशन से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़-भड़क्का जारी है। रविवार को सूरत स्टेशन का प्लेटफॉर्म संख्या चार यात्रियों से खचाखच भरा हुआ था। ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर आते ही यात्री एक-दूसरे को धक्का देते हुए सामान लेकर ट्रेन में चढऩे की मशक्कत में जुट गए। कुछ यात्रियों ने 200-300 रुपए देकर जनरल कोच में सीट हासिल की।

सूरत से सप्ताह में पांच दिन छपरा जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस और दो दिन भागलपुर जाने वाली सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में बारह महीने भीड़ रहती है। ग्रीष्मावकाश और दीपावली अवकाश के दौरान इन ट्रेनों में भीड़ चार गुना बढ़ जाती है। दोनों ट्रेन में रेलवे की ओर से यात्रियों को कोच में बिठाने के लिए कतार लगवाई जाती है। राजस्थान पत्रिका ने रविवार को प्लेटफॉर्म संख्या चार पर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के जनरल कोच में चढऩे के लिए कतार में बैठे लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कुछ लोग भीड़ का फायदा उठाकर अपने लोगों को कतार में पहले नम्बर पर बिठा देते हैं। कतार में आगे बिठाने के लिए अनाधिकृत लोग प्रति यात्री दो सौ-तीन सौ रुपए लेते हैं। कुलियों के साथ कोसाड और भरथाना गांव में रहने वाले चार-पांच लडक़ों का एक ग्रुप सुबह छह से सात बजे के बीच कुछ यात्रियों से सेटिंग कर उनको आगे बिठाने की व्यवस्था कर देता है। रविवार को पत्रिका प्रतिनिधि को यात्रियों से बातचीत करते हुए देखने पर एक पुलिस जवान ने अनाधिकृत लोगों द्वारा आगे बिठाए गए लोगों को कतार से बाहर निकाल दिया। अनाधिकृत व्यक्ति भी हालात को भांपते हुए उस समय वहां से चला गया, लेकिन कुछ देर बाद उसने उन्हीं यात्रियों को कतार के बीच बिठा दिया। यात्रियों के बीच इनके ही कुछ लोग जगह रोक कर बैठते हैं, जो बाद में सीट यात्रियों को बेच देते हैं। रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे पुलिस के जवान प्लेटफॉर्म पर जनरल डिब्बों में बैठने वाले यात्रियों की कतार सीधी करने और अन्य यात्रियों की भीड़ को संभालने में व्यस्त रहते हैं, इसी बीच यह अनाधिकृत लोग अपनी कमाई कर निकल जाते है।

गुटखा-तम्बाकू की धड़ल्ले से बिक्री

स्टेशन परिसर में गुटखा, तम्बाकू, पान-मसाला आदि बेचने पर प्रतिबंध है, लेकिन सूरत स्टेशन पर छह-सात लडक़ों का ग्रुप रेल प्रशासन की नाक के नीचे यूपी-बिहार की ट्रेनों के समय प्लेटफॉर्म पर गुटखा, तम्बाकू आदि बेचता है। देर रात यह अनाधिकृत लोग ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इनमें से भी कुछ लोग ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के जनरल कोच में चढऩे वाले यात्रियों को आगे बिठाने के लिए सेटिंग करते हैं। स्थानीय वाणिज्य विभाग और प्रशासन की अनदेखी के कारण इनका धंधा फल-फूल रहा है।

पानी की बोतल बीस रुपए में

स्टेशन पर खाद्य सामग्री महंगी बेचने की शिकायत आम है। सूरत स्टेशन पर स्टॉल चलाने वाले यात्रियों से एमआरपी से अधिक दर लेने से नहीं हिचकिचाते। ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के यात्रियों ने बताया कि किसी भी स्टॉल पर चले जाइए, पानी की बोतल बीस रुपए में मिलेगी। हालांकि बोतल पर दर पन्द्रह रुपए लिखी होती है। रेलनीर स्टेशन पर बहुत कम मिलता है। उसकी जगह अन्य कंपनियों की पानी की बोतलें ज्यादा बेची जाती हैं।

तत्काल के लिए
भी लम्बी कतार


ग्रीष्मावकाश के कारण रेग्यूलर चलने वाली लम्बी दूरी की ट्रेनों में जगह मिलना मुश्किल है। ज्यादातर ट्रेनों में दो सौ से चार सौ वेटिंग है। यूपी-बिहार की ट्रेनों में चार सौ से छह सौ वेटिंग चल रही है। यात्रियों के पास तत्काल टिकट का विकल्प है। सूरत स्टेशन के आरक्षण केन्द्र के बाहर रविवार को तत्काल टिकट लेने वालों की लम्बी कतार देखने को मिली। यात्रियों ने बताया कि पहला नम्बर लेने के लिए कई यात्री रात को ही स्टेशन आ गए थे, लेकिन तत्काल की बुकिंग शुरू होने के कुछ मिनटों में ही फुल हो जाती है। ज्यादातर यात्रियों को निराशा हाथ लगती है।