सूरत

ACPC : रोजगार मेले में सिर्फ 40% इंजीनियरिंग छात्र ही

विद्यार्थियों के नहीं मिलने पर गुजरात के इंजीनियरिंग कॉलेज की हालत साल दर साल दयनीय होती जा रही है। इस बीच मजूरा गेट स्थित डॉ.एस एंड एस.एस. गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के अवेयरनेस सर्वे रिपोर्ट के नतीजों ने तकनीकी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी को चौंका दिया है। इस सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रवेश लेने वालों में से 10 फीसदी विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ ड्रॉपआउट ले लेते हैं।

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Nov 09, 2023
ACPC : रोजगार मेले में सिर्फ 40% इंजीनियरिंग छात्र ही

- प्राध्यापकों ने किया अवेयरनेस सर्वे :
डिग्री हासिल करने वालों में से मात्र 40 फीसदी ही रोजगार मेले में हिस्सा लेते हैं। चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि डिग्री पूर्ण करने वालों में से सिर्फ 15 प्रतिशत ही आगे मास्टर की पढ़ाई करते हैं। इसके अलावा 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थी इंजीनियर बन जाने के बाद परिवार के व्यवसाय से जुड़ जाते हैं। हाल ही में प्रदेश के डिग्री-डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हुई है। नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू होते ही मजूरा गेट स्थित गांधी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राध्यापकों ने अवेयरनेस सर्वे किया। विद्यार्थी इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के प्रति कितने जागरूक हैं और कितने इस क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, यह जानने के लिए सर्वे किया गया।

- प्राध्यापक खुद हैरान :
सर्वे के जो आंकड़े मिले हैं, उससे प्राध्यापक भी हैरान हैं। कई कॉलेजों में रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है। इंजीनियरिंग में डिग्री के अनुसार जॉब प्लेसमेंट और ऊंचा वेतन नहीं मिलता। साथ मनपसंद लाइन नहीं मिलने की विद्यार्थी शिकायत करते रहते हैं। प्राध्यापकों का कहना है कि सर्वे में पाया गया कि रोजगार मेलों में मात्र 40 प्रतिशत ही विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। 60 प्रतिशत से अधिक के हिस्सा नहीं लेने पर रोजगार की समस्या का सामना करना पड़ता है।
- विद्यार्थियों की संख्या कम :
प्राध्यापकों ने बताया कि कई सालों से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है। उसमें भी 10 प्रतिशत ऐसे हैं, जो दूसरे या तीसरे साल में पढ़ाई छोड़ देते हैं। डिग्री हासिल करने वाले 15 प्रतिशत विद्यार्थी विदेश चले जाते हैं। इसका असर यहां के मास्टर डिग्री (पीजी) पाठ्यक्रम पर हो रहा है। पीजी की हजारों सीटें रिक्त रह जाती है।
- रुचि नहीं तो प्लेसमेंट भी कम :
साल 2017-18 में 199, 2018-19 में 93, 2019-20 में 74, 2020-21 में 62, 2021-22 में 79 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिला है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार 40% के आसपास विद्यार्थियों के रोजगार मेले में रुचि लेने के कारण बीते पांच सालों में 26 से 52 प्रतिशत विद्यार्थी प्लेसमेंट हासिल कर पाए हैं।

Published on:
09 Nov 2023 07:56 pm
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