1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ADMISSION 2023 : 10वीं का कम परिणाम डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए बना मुसीबत!

सूरत. गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसईबी) 10वीं की परीक्षा का परिणाम उम्मीद से कम आने पर डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेजों diploma engineering colleges के लिए मुसीबत बन गया है। ए1 से लेकर बी2 ग्रेड विद्यार्थियों की संख्या में बड़ी कमी आई है। ACPC परिणाम कम होने के चलते प्रवेश प्रक्रिया से पहले प्रदेश की कुल 68,500 सीटों में 30,000 सीटों के रिक्त रह जाने का खतरा बढ़ गया है।

2 min read
Google source verification
ADMISSION 2023 : 10वीं का कम परिणाम डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए बना मुसीबत!

ADMISSION 2023 : 10वीं का कम परिणाम डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए बना मुसीबत!

सीटें रिक्त ना रह जाएं इसलिए प्रवेश समिति सी1, सी2 और डी ग्रेड विद्यार्थियों को टारगेट करने के चक्कर में है। डिप्लोमा में अधिक से अधिक विद्यार्थी प्रवेश लें इसलिए प्रवेश समिति ने मार्गदर्शन शिविर शुरू कर दिया है। गुजरात बोर्ड ने गुरुवार को 10वीं परीक्षा का परिणाम जारी किया। परीक्षा के लिए प्रदेश के कुल 7,41,411 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था, इनमें से 7,34,898 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 4,74,893 विद्यार्थी परीक्षा पास करने में सफल रहे। परीक्षा का कुल परिणाम 64.62 प्रतिशत आया है। 2,60,005 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हो गए। परीक्षा का परिणाम उम्मीद से कम आने पर diploma engineering colleges डिप्लोमा इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालक परेशान होने लगे हैं। ACPC क्योंकि इस बार रैंक वाले विद्यार्थियों की संख्या में बड़ी कमी आई है। इसका सीधा असर डिप्लोमा के प्रवेश पर होने वाला है।

- प्रवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास :
सीटों को भरने के लिए करना पड़ेगा प्रयास diploma engineering colleges डिप्लोमा कॉलेज के प्राध्यापकों ACPC का कहना है कि रैंक लाने वाले विद्यार्थियों को 11वीं के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ऊंचे अंक वाले अधिकतर विद्यार्थियों को 11वीं विज्ञान में और अन्य रैंक होल्डर सामान्य वर्ग में प्रवेश लेते हैं। इसकी वजह है रैंकर्स डिप्लोमा में प्रवेश का आवेदन भी नहीं करते हैं। इस बार के परिणाम में सी1, सी2 और डी ग्रेड के साथ परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। इन विद्यार्थियों को डिप्लोमा इंजीनियरिंग का महत्व समझाकर प्रवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश के 6111 विद्यार्थियों ने ए1, 44,480 ने ए2, 86,611 ने बी1, 1,27,652 ने बी2, 1,39,248 ने सी1, 67,373 ने सी2 और 3,412 ने डी ग्रेड के साथ परीक्षा पास की है। ए1 से लेकर बी2 के विद्यार्थी 11वीं में प्रवेश लेकर भविष्य की नींव रखेंगे।
- कम अंकों पर भी प्रवेश :
प्रवेश समिति ACPC के अधिकारियों का कहना है कि सी1, सी2 और डी ग्रेड के विद्यार्थी कम अंकों के चलते किसमें प्रवेश ले और कौन प्रवेश देगा इस असमंजस में होते हैं। ऐसी स्थिति में diploma engineering colleges डिप्लोमा में प्रवेश लेने के बाद आगे जाकर डिग्री इंजीनियरिंग में प्रवेश मिल सकेगा। पूरक परीक्षा पास करने के बावजूद प्रवेश मिल सकेगा। इस तरह का मार्गदर्शन देकर प्रवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा। जिससे रिक्त सीटों की संख्या कम हो और कम अंकों पर भी विद्यार्थी प्रवेश लेकर पढ़ाई जारी रख सके। हजारों विद्यार्थी कम अंकों के कारण 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। विद्यार्थी डिप्लोमा को समझें और प्रवेश लें इसलिए प्रवेश समिति की ओर से मार्गदर्शन शिविर शुरू कर दिए गए हैं। डिप्लोमा कॉलेज के संचालकों का कहना है कि कोरोनाकाल में मास प्रमोशन के बावजूद डिप्लोमा की 28 हजार से अधिक सीटें रिक्त रह गई थीं। पिछले साल 30 हजार से अधिक सीटें खाली पड़ी थीं। इस बार परिणाम और रैंकर्स कम होने पर 30 हजार से अधिक सीटें रिक्त रह जाने का डर सता रहा है।

Story Loader