राज्य में इस बार महिला मतदाताओं की संख्या 30 लाख बढ़ी, कुल 2.37 करोड़ महिलाओं को मताधिकार का अधिकार प्राप्त, महिला मतदाताओं में महंगाई सबसे अहम मुद्दा
सूरत। गुजरात विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने महिलाओं को टिकट देने में भले ही कंजूसी की हो, लेकिन सभी दलों की नजर महिला मतदाताओं पर टिकी हुई है। महिलाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तीनों प्रमुख दल एडीचोटी का जोर लगा रहे हैं। राज्य में कुल 2.37 करोड़ महिला मतदाता है। ऐसे में महिला मतदाताओं ने किस पर भरोसा किया ये तो 8 दिसंबर को परिणाम के दिन ही पता चलेगा।
राज्य में विधनसभा चुनाव की घड़ियां गिनी जा रही है। ज्यों - ज्यों चुनाव का दिन नजदीक आ रहा है राजनीतिक दल और इन दलों के प्रत्याशी अधिक से अधिक मतदाताओं को अपनी ओर खींचने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। चुनावों में महिला मतदाताओं की हमेशा से अहम भूमिका रही है। चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई फाइनल मतदाता सूची के मुताबिक राज्य में कुल 4,90,89,765 मतदाता है। इनमें 2.37 करोड़ महिलाएं हैं। बीते विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार महिला मतदाताओं की संख्या में 30 लाख की बढ़ोतरी हुई है।
महंगाई का मुद्दा महिला मतदाताओं को कर सकता है प्रभावित
राजनीतिक दल महिलाएं किन मुद्दों को ध्यान में रखकर मतदान करेगी इसे लेकर कयास लगा रहे हैं। इस समय महिलाएं महंगाई से सबसे अधिक त्रस्त नजर आ रही है। घरेलू चीजों के दाम से लेकर गैस सिलेंडर और खाद्य तेल की आसमान छूती कीमतों ने गृहिणियों के बजट पर चोट की है। सभी राजनीतिक दल ये बखूबी जान रहे हैं कि महिलाओं के लिए महंगाई का मुद्दा अहम हो सकता है। इस लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ही चुनाव में महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाया हुआ है तो भाजपा भी महिलाओं को महंगाई से राहत देने का प्रयास कर रही है।
किस पार्टी ने महिलाओं को लुभाने क्या - क्या वादे किए
आम आदमी पार्टी : आम आदमी पार्टी ने महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के 18 साल से अधिक की हर महिला को प्रतिमाह एक - एक हजार रुपए सम्मान राशि देने की गारंटी दी है। इसके अलावा 300 यूनिट तक बिजली में राहत से घर के बजट पर पड़ने वाला बोझ कम होने की बात की जा रही है। महंगाई कम करने का भी आश्वासन आप ने दिया है।
कांग्रेस : कांग्रेस ने भी महिलाओं मतदाताओं को केंद्र में रखते हुए महंगाई को मुद्दा बनाया है। चुनावी मेनिफेस्टो में कांग्रेस ने वादा किया है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सिर्फ 500 रुपए में गैस सिलेंडर दिया जाएगा। इसके अलावा कांग्रेस ने भी 300 यूनिट तक बिजली फ्री का वादा किया है।
भाजपा - महिलाएं जहां महंगाई से त्रस्त है और इसका खामियाजा चुनाव में झेलना पड़ सकता है ये बखूबी समझ रही भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपना संकल्प पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन चुनाव घोषित होने से पहले उज्ज्वला योजना के लाभार्थी को साल में दो सिलेंडर मुफ्त देने और पीएनजी - सीएनजी गैस में दस फीसदी वेट करने का निर्णय कर महिलाओं को राहत देने का प्रयास कर चुकी है।
राज्य में महिलाओं द्वारा संचालित 1274 मतदान केंद्र
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने भी पहल की है। चुनाव आयोग द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम सात ऐसे मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जो सिर्फ महिलाएं ही संचालित करेगी। यानी राज्य में कुल 1274 मतदान केंद्र महिला संचालित मतदान केंद्र होंगे। जिन्हे सखी मतदान केंद्र नाम दिया जाएगा।