
बड़ी आबादी को करना पड़ रहा बड़ी मुश्किलों का सामना
सूरत. सूरत-मुम्बई ट्रैक पर कई छोटे स्टेशन ऐसे हैं, जहां से बड़ी संख्या में दैनिक यात्री आना-जाना करते हैं। औद्योगिक महव के इन शहरों के रेलवे स्टेशनों पर बेहतर सेवाओं के अभाव में यात्रियों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। लोगों को इन स्टेशनों पर हो रही दिक्कतों को लेकर जिला पंचायत में पूर्व नेता विपक्ष ने रेलमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर अंडरपास समेत यात्रियों को प्राथमिक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।
मुम्बई-सूरत ट्रैक पर कई छोटे शहरों में बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। इन इकाइयों में काम करने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों का मुम्बई या सूरत से आना-जाना होता है। रास्ते में पड़ रहे इन छोटे स्टेशनों पर कमाई भले बड़ी नहीं होती हो, लेकिन दैनिक यात्रियों का भार कम नहीं है। इन स्टेशनों पर प्राथमिक सुविधाओं के अभाव में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है।
जिला पंचायत में नेता विपक्ष रहे दर्शन नायक ने इस मामले को उठाते हुए रेलमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बताया कि सायण समेत कई दूसरे स्टेशनों पर यात्रियों को खासी दिक्कतें पेश आती हैं। सायण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सायण रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में 20 से 25 गांव ऐसे हैं, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। उन्होंने यहां अंडरपास समेत कई अन्य यात्री सुविधाओं की जरूरत बताई है।
सुपरफास्ट ट्रेनों को मिले स्टापेज
उत्तरप्रदेश, बिहार, उड़ीसा समेत कई अन्य प्रदेशों के लोग सायण और आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे हैं। इनको अपने घरों को जाने के लिए सूरत से ट्रेन पकडऩी पड़ती है। नायक ने कहा कि सुपरफास्ट ट्रेनों को सायण में स्टापेज मिलना चाहिए।
लंबा हो प्लेटफार्म
रेलवे प्लेटफार्म छोटा होने के कारण ट्रेन के कई कोच दोनों ओर बाहर ही रह जाते हैं। इससे यात्रियों को अपने कोच में चढऩे में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने की मांग की। साथ ही स्टेशन पर मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर जो जर्जर हो चुका है उसकी मरम्मत की जरूरत बताई।
Published on:
18 Aug 2021 07:47 pm
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