
सूरत. मनपा के बजट पर चर्चा के दौरान हुए हंगामे के बाद मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने स्थाई समिति अध्यक्ष राजेश देसाई को चर्चा के लिए गांधीनगर बुलाया है। देसाई के गांधीनगर जाने के कारण बुधवार को उनकी वापसी के बाद ही बजट पर चर्चा आगे बढ़ेगी।
सूरत महानगर पालिका का बजट पिछले कुछ दिनों से गांधीनगर तक चर्चा का विषय बन चुका है। बजट में कर वृद्धि के प्रस्ताव के बाद जिस तरह राजनीति शुरू हुई, गांधीनगर ने सूरत के हालात पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री के निजी सचिव और सूरत मनपा के पूर्व आयुक्त एम.के. दास ने पिछले दिनों मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन से बजट में की गई कर वृद्धि पर रिपोर्ट मांगी थी। आयुक्त ने रिपोर्ट में साफ कर दिया था कि किन वजहों से कर वृद्धि की जरूरत पड़ी।
स्थाई समिति में मंगलवार को बजट पर चर्चा शुरू होते ही मनपा मुख्यालय में हुए हंगामे की खबर गांधीनगर तक भी पहुंच गई। बताया गया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने महापौर अस्मिता शिरोया, स्थाई समिति अध्यक्ष राजेश देसाई, उपमहापौर शंकर चेवली और नेता सत्तापक्ष गिरिजाशंकर मिश्रा को मसले पर चर्चा के लिए गांधीनगर बुलाया। निजी कारणों से महापौर, उपमहापौर और नेता सत्तापक्ष गांधीनगर नहीं जा सके, लेकिन समिति अध्यक्ष राजेश देसाई मुख्यमंत्री से मिलने के लिए रवाना हो गए हैं।
देसाई के गांधीनगर जाने के कारण बुधवार सुबह शुरू होने वाली चर्चा को फिलहाल स्थगित रखा गया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद जब देसाई वापस लौटेंगे, बजट पर चर्चा शुरू होगी। माना जा रहा है कि बजट घाटे को पाटने के लिए प्रस्तावित कर दर में वृद्धि में कमी की जा सकती है। संभव है कि इसकी भरपाई के लिए राज्य सरकार अपनी ओर से मनपा को अतिरिक्त राशि भी मुहैया कराए।
राज्य की सत्ता में सूरत अहम
विधानसभा चुनावों के बाद जिस तरह के हालात बने, भाजपा की सरकार में वापसी में सूरत के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सूरत की सभी 12 सीटों पर जीत ने सत्ता में वापसी के कांग्रेस के गणित को बुरी तरह गड़बड़ा दिया। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनावों को देखते हुए मुख्यमंत्री सूरत समेत दक्षिण गुजरात में मिली बढ़त को गंवाना नहीं चाहते। स्थाई समिति अध्यक्ष को गांधीनगर बुलाने के मुख्यमंत्री के फैसले को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।
पहले दिन शिक्षण समिति के प्रस्तावों पर हुई चर्चा
मनपा के बजट 2018-19 पर स्थाई समिति में मंगलवार से शुरू हुई चर्चा के पहले दिन शिक्षण समिति समेत अन्य कई विभागों के बजट प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कर दर वृद्धि के प्रस्तावों पर बाद में चर्चा की जाएगी। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन की ओर से पेश किए गए 5378 करोड़ रुपए के ड्राफ्ट बजट पर स्थाई समिति में मंगलवार से चर्चा शुरू हो गई। समिति अध्यक्ष राजेश देसाई की अध्यक्षता में शुरू हुई चर्चा के पहले दिन शिक्षण समिति के बजट पर चर्चा पूरी हो गई। इसके अलावा हाइड्रोलिक विभाग, हाउसिंग, फायर एण्ड सेफ्टी, स्वास्थ्य एवं स्मीमेर समेत अन्य कई विभागों के बजट प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बुधवार को देसाई के गांधीनगर से वापस आने के बाद ड्रेनेज समेत मुख्यालय के अन्य विभागों और जोनवार बजट चर्चा की जाएगी। राजस्व सेक्शन पर चर्चा के दौरान कर दर में हुई वृद्धि पर भी निर्णय किया जाएगा। माना जा रहा है कि कर दर वृद्धि के प्रस्ताव पर गांधीनगर से मिले निर्देश के मुताबिक ही समिति आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि मंगलवार को बजट चर्चा के दौरान हुए हंगामे और समिति प्रमुख राजेश देसाई के अचानक गांधीनगर जाने के कारण बजट चर्चा का दौर बुधवार तक जारी रह सकता है।
Updated on:
06 Feb 2018 10:12 pm
Published on:
06 Feb 2018 09:57 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
