
FIRE IN SURAT : कपड़ा बाजार की संकरी गलियों में बिखरा पड़ा मौत का सामान
story by : दिनेश एम.त्रिवेदी
सूरत. दिल्ली में तंग गलियों में चल रही औद्योगिक इकाई में भडक़ी आग ने जिस तरह कहर बरपाया है। कमोबेश उसी तरह के हालात सूरत के कपड़ा बाजार में भी हैं। यहां बेतरतीब ढंग से चल रहे ‘डेटोनेटर’ रूपी अवैध फूड स्टॉल कभी भी भीषण आग भडक़ा सकते हैं। प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो यहां दिल्ली से भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है।
रिंग रोड स्थित कपड़ा बाजार की तंग गलियों, फुटपॉथ एवं मुख्य रास्तों पर अवैध रूप से लारी-गल्लों पर सैकड़ों फूड स्टॉल वालों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इन फूड स्टॉल में नियमों की अनदेखी कर वैध-अवैध गैस सिलेन्डरों का इस्तेमाल किया जाता है। चाय-नाश्ते से लेकर भोजन तक सभी तरह की चीजें तैयार कर बेची जाती हैं। सडक़ों और फुटपाथ पर ही नहीं कई मार्केट के अंदर भी अवैध फूड स्टॉल चल रहे हैं। इनके गैस के भट्ठे हर समय चालू रहते हैं। करोड़ों मीटर ज्वलनशील कपड़े से भरी रिंग रोड स्थित कपड़ा बाजार की दुकानों के बीचों बीच तथा कपड़े की दुकानों के ठीक बगल में मात्र दो-तीन फीट की दूरी पर गैस भट्ठों वाले फूड स्टॉल चल रहे हैं। पूर्व में इनकी वजह से कई हादसे भी हो चुके हैं।
बेगमवाड़ी में है सबसे बुरा हाल
व्यापारियों का कहना है कि बेगमवाड़ी क्षेत्र के श्री ओम मार्केट, तिरुपति मार्केट, हीरा-पन्ना, मनीष मार्केट, मनोज मार्केट, आशाराम मार्केट आदि मार्केट क्षेत्रों में बेहद बुरे हालात हैं। इन मार्केट में आने जाने के लिए बहुत तंग रास्ते हैं। मात्र कुछ फीट चौड़े इन रास्तों के बड़े हिस्से पर तो फूड स्टॉल वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। इन्हीं रास्तों से व्यापारियों और कपड़े की गांठें व पार्सल उठाने वाले मजदूरों की आवाजाही होती है। व्यस्त समय में तो स्थिति यह होती है किसी से टकराए बिना इन रास्तों से निकलना संभव ही नहीं है। ऐसे में यदि यहां हादसा हो जाए तो मार्केट में बैठे सैकड़ों व्यापारियों और श्रमिकों को यहां निकालना मुश्किल हो जाएगा।
अवैध निर्माण कर रोक रखा है आम रास्ता
सूत्रों की मानें तो इन फूड स्टॉल धारकों ने आने जाने के रास्तों पर अपनी सहूलियत के लिए अवैध निर्माण कर रखा है। इन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। श्रीओम मार्केट की गली में तो आम रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए रास्ते के बीच सीढ़ी बना दी गई है। लोहे का एक दरवाजा भी लगा दिया है। ताकि दुपहिया वाहन वहां से नहीं निकल सके। कुछ व्यापारियों ने इस संबंध में मनपा में शिकायत भी की, लेकिन मनपा प्रशासन ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की।
मिलीभगत से होती है महज खानापूर्ति
व्यापारियों का आरोप है कि ये फूड स्टॉल मनपाकर्मियों की मिलीभगत से ही चलते हैं। शिकायत करने पर भी मात्र खानापूर्ति ही की जाती है। व्यापारियों का कहना है कि बेगमवाड़ी में चल रहे इन फूड स्टॉल को लेकर पिछले दिनों कई व्यापारियों ने शिकायत की थी। शुरू में तो कोई सुनवाई नहीं हुई लेकिन दबाव बढऩे पर मनपा का अतिक्रमण निरोधक दस्ता पहुंचा तथा हमेशा की तरह सिर्फ इनकी लारियां उठा कर ले गया। सिलेन्डर, चूल्हे व भट्ठे वहीं छोड़ गया। दो घंटे बाद ही ये स्टॉलें फिर से चालू हो गई।
ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग
स्टॉल वाले ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग करते हैं। अतिक्रमण व वाले स्थानों पर उन्होंने प्लास्टिक के बड़े-बड़े तिरपाल लगाकर छाया कर रखी है। पानी के लिए बड़े-बड़े ड्रम व गैस चूल्हे, भट्ठे, तंदूर तथा ग्राहकों के बैठने के लिए स्टॉल के आसपास फाइबर की कुर्सियां व टेबलें भी लगा रखी हंै। इन पर ग्राहकों को चाय-नाश्ता व भोजन परोसा जाता है। ग्राहकों को यह सुविधा देने के लिए वे विभिन्न तरीकों से रास्ते रोकने का प्रयास करते हैं।
Published on:
08 Dec 2019 10:24 pm
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