
सूरत.
राज्य के सरकारी और अनुदानित विद्यालयों को अब खुद का ही मूल्यांकन कर सारी जानकारी दिल्ली भेजनी होगी। सूरत जिला शिक्षा अधिकारी ने इस आदेश के अंतर्गत सूरत जिले के सभी सरकारी और अनुदानित विद्यालयों को जल्द जानकारी तैयार कर भेजने का निर्देश दिए हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शाला सिद्धि कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके सरकारी विद्यालय, मॉडल विद्यालय और अनुदानित विद्यालयों का मूल्यांकन किया जा रहा है। विद्यालयों को भवन, कक्षा, प्राचार्य, शिक्षक, कक्षा, विद्यार्थियों की संख्या, विद्यार्थियों का परिणाम का खुद मूल्यांकन करना होगा। राज्य में करीब 952 सरकारी और 5088 अनुदानित विद्यालय हैं। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए खुद का मूल्यांकन कर पूरी जानकारी दिल्ली भेजनी है। दिल्ली में वेबपोर्टल के माध्यम से एनआइइपीए को यह जानकारी देनी है। जानकारी कैसे देनी है, किस तरह भरनी है इसकी पूरी सूचना वेबसाइट पर जारी की गई है। सूरत जिला शिक्षा अधिकारी ने सूरत जिले के सभी सरकारी और अनुदानित विद्यालयों को यह कार्य जल्द पूर्ण कर जानकारी भेजने का आदेश दिया है।
विद्यार्थी को लिखना, पढऩा और गिनती करना नहीं आता
राज्य सरकार की ओर से राज्यभर में गुणोत्सव का आयोजन किया गया था। विद्यार्थी को लिखना, पढऩा और गिनती करना आता है या नहीं, इसमें इसका निरीक्षण किया जाता है। इसके लिए चार विषयों गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और एसएस की 15-15 अंकों की परीक्षा ली गई। गुणोत्सव में सूरत की नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के स्कूलों को भी शामिल किया गया था। इसमें चौकाने वाले तथ्य सामने आए। समिति स्कूलों के कक्षा 6 से 8 के 17 हजार से अधिक विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हें गिनती के साथ-साथ पढऩा और लिखना भी नहीं आता। राज्यभर में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या हजारों में है। इन विद्यार्थियों के लिए सरकार ने मिशन विद्या शुरू किया है। इसमें स्कूल समय पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को एक घंटे अतिरिक्त पढ़ाया जाएगा। यह अभियान 31 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा कि वह लिखना, पढऩा और गिनती करना सीख पाए हैं या नहीं।
Published on:
07 Sept 2018 09:21 pm
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