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GANESH VISARJAN : बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन में हुई परेशानी

सूरत. अनंत चतुर्दशी पर बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन में परेशानी का सामना करना पड़ा है। गुरुवार देर रात तक हजीरा रोड पर समुद्र के बोट प्वॉइंट तक जाने के लिए बड़ी प्रतिमाओं की लंबी कतार लगी रही, जिसके चलते दूसरे दिन शुक्रवार शाम तक विसर्जन चलता रहा। इस साल बड़ी प्रतिमाओं की संख्या अधिक रही। उनना विसर्जन हजीरा बोटप्वॉइंट पर किया जाता है। इसके लिए क्रेनों की व्यवस्था भी की गई थी। इसके बावजूद बड़ी GANESH प्रतिमाओं के विसर्जन में परेशानी हुई।

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GANESH VISARJAN : बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन में हुई परेशानी

GANESH VISARJAN : बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन में हुई परेशानी

- विसर्जन रूट में बदलाव से लगा अतिरिक्त समय :
शहर में जगह-जगह मेट्रो प्रोजेक्ट का कार्य चल रहा है। इस वजह से कई जगहों पर विसर्जन के रूट में बदलाव किया गया। महिधरपुरा पुलिस थाने से लेकर टावर रोड और चौक बाजार में मेट्रो का काम होने के कारण यह दोनों मार्ग बंद थे। इस वजह से महिधरपुरा, बेगमपुरा, गलेमंडी, स्टेशन रोड, झांपा बाजार व आसपास में स्थापित की गई बड़ी प्रतिमाओं को मोती टॉकीज से गले मंडी होते हुए चौकसी बजार के रास्ते भागल तक लाया गया। भागल से चौक बाजार तक बड़ी प्रतिमाओं को लाया गया, इसके बाद चौक बाजार में रोड बंद होने के कारण बड़ी प्रतिमाओं को सोनी फलिया से सागर होटल के रास्ते मकाई पुल तक लाया गया। यहां संकड़ी सड़क होने के कारण मकाई पुल तक पहुंचने में भी दिक्कत हुई। यहां भी मेट्रो का कार्य चल रहा होने के कारण बड़ी प्रतिमाओं को वापस अठवा गेट स्थित सरदार पुल से हजीरा ले जाना पड़ा। इतना घूमने के कारण हजीरा तक पहुंचने में देरी हुई।

- पंडाल से मुख्य रोड तक लाने में हुई देरी :
ज्यादातर बड़ी प्रतिमाओं को पंडाल से निकालने में भी परेशानी हुई। पंडाल में ही कई प्रतिमाओं को गैस कटर और क्रेन से रथों पर चढ़ाया गया। बाद में मोहल्लों की छोटी गलियों में से प्रतिमाएं निकालने में भी समय लगा। इस वजह से भी बड़ी प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा में देर लगी। इन कारणों के चलते हजीरा रोड पर देर रात तक बड़ी प्रतिमाओं के आने का सिलसिला चलता रहा।
गिनती की क्रेनों से किया गया विसर्जन आयोजकों ने बताया कि बोट प्वॉइन्ट पर गिनती की ही क्रेन का विसर्जन कार्य में उपयोग किया जा रहा था। क्रेन संचालकों के अभाव में धीमी गति से विसर्जन हो रहा था। इस बीच विवाद हो जाने पर कुछ घंटे विसर्जन कार्य रुक गया था। कई लोग प्रतिमाओं को विसर्जन करने वालों को सौंपकर चले आए।