-प्रवासी राजस्थानी बहुल क्षेत्र में जगह-जगह होने लगी गणगौर माता की पूजा, शीतला सप्तमी से लोकपर्व चढ़ेगा परवान
सूरत. धूलेटी के साथ ही शुक्रवार से शहर में प्रवासी राजस्थानी बहुल क्षेत्रों में सुबह गणगौर पूजा के गीत गूंजने लगे है। गणगौर की पूजा का दौर सोलह दिवस तक चलेगा और सातवें दिन शीतला सप्तमी से इसमें बिंदोळे की शुरुआत की जाएगी। गणगौर पूजन की शुरुआत होलिकादहन की राख से पिंडिया बनाकर शुक्रवार सुबह उनकी पूजा से की गई।
ईसर-गौर के गीत गाकर अपने पति के शिव समान होने व उनके दीर्घायु होने की आकांक्षा शिव-पार्वती से व्यक्त कर युवतियों व महिलाओं ने गणगौर पर्व मनाना शुरू कर दिया है। पर्व में युवतियां और नवविवाहिताएं भी शामिल हो रही है। शहर के टीकम नगर, परवत पाटिया, गोडादरा, पूणागांव, उधना, भटार, अलथाण, घोडदौड़ रोड, सिटीलाइट, न्यू सिटीलाइट, वेसू समेत अन्य कई क्षेत्रों में स्थित सोसायटी-अपार्टमेंट में गौर ए गणगौर माता, खोल ए किंवाड़ी...जैसे गीतों का गुंजन शुक्रवार से गणगौर पूजन के दौरान होने लगा है। माहेश्वरी समाज के नारी शक्ति संगठन की रेखा पोरवाल ने बताया कि गणगौर पूजा की शुरुआत धूलेटी शुक्रवार से की गई और इसमें पहले युवतियों व महिलाओं ने होलिकादहन की राख से पिंडियां बनाकर उनकी स्थापना की। इस दौरान उन्होंने बाग में हरी दूब एकत्र करते हुए मैं आज सवेरे उठी...और पूजा के दौरान चमकण घाघरो चमकरण कीर, बोल भई गवरा कितरा बीर...समेत चुनड़ी, मेहंदी, टीकी आदि के गीत गाए। वहीं, परवत पाटिया क्षेत्र की युवती डॉली मूंदड़ा ने बताया कि यह क्रम अब लगातार चलेगा और शीतला सप्तमी से गणगौर पर्व बिंदोळे, गुडला सवारी समेत अन्य आयोजनों के साथ परवान चढ़ जाएगा।
डॉ. तोगडिय़ा का स्वागत
सूरत. अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगडिय़ा का रविवार को कड़ोदरा आगमन पर पलसाणा इकाई की ओर से स्वागत किया गया। डॉ. तोगडिय़ा के स्वागत कार्यक्रम के दौरान पलसाणा इकाई अध्यक्ष महेश कौशिक, विपिन महाराज, प्रेमभाई, भजनलाल कालवा, पवन पारीक, सुक्खा भरवाड़, प्रहलाद सिंह, योगेन्द्र मिश्रा, प्रदीप सैन, सीताराम पारीक, कृष्णा दूबे समेत अन्य लोग मौजूद थे।