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हरी झंडी मिले तो शुरू हो ट्रैक की कवायद

गांधीनगर से निकले मेट्रो प्रोजेक्ट को केंद्र के सिग्नल का इंतजार है। वहां से हरी झंडी मिलते ही सूरत में मेट्रो ट्रेन पर कवायद शुरू हो जाएगी। फाइनेंशियल...
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सूरत

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Mukesh Kumar Sharma

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Updated: 3 Sep 2018, 10:16 PM IST

Get the green flag then start the track exercise

Get the green flag then start the track exercise

सूरत।गांधीनगर से निकले मेट्रो प्रोजेक्ट को केंद्र के सिग्नल का इंतजार है। वहां से हरी झंडी मिलते ही सूरत में मेट्रो ट्रेन पर कवायद शुरू हो जाएगी। फाइनेंशियल फिजिबिलिटी के उपाय करने के बाद इसे दोबारा भेजा गया है। मेट्रो शहर में दौडऩे लगेगी तो सडक़ों पर वाहनों का दबाव कम होगा। यही वजह है कि लोगों को सूरत में मेट्रो चलने का बेसब्री से इंतजार है।

स्मार्ट सिटी क्लब में शामिल सूरत का स्थानीय प्रशासन इन दिनों शहर में स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम डवलप करने की कवायद में जुटा है। इसके तहत सिटी बस और बीआरटीएस के रूट्स में वृद्धि के साथ ही इनके रूट्स को एक्सटेंड कर आगे के स्टेशनों को कनेक्ट किया जा रहा है। एक बार मेट्रो ट्रेन शुरू होने के बाद मनपा का ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम इंटीग्रेट हो जाएगा। इसके बाद शहर में सार्वजनिक परिवहन की बेस लाइन बन चुके ऑटो रिक्शा महज कनेक्टिंग सर्विस बनकर रह जाएंगे।

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए मनपा प्रशासन एक बार पहले भी डीपीआर तैयार कर चुका था। केंद्र के नीति नियमों में बदलाव करने के बाद इसे दोबारा तैयार किया गया। इस बार मनपा प्रशासन ने मेट्रो की फाइनेंशियल फिजिबिलिटी के उपाय किए, जिसमें मेट्रो सरचार्ज से लेकर मेट्रो रूट पर पेड एफएसआइ समेत अन्य उपाय किए गए।

प्रोजेक्ट की कार्यदायी संस्था दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने मेट्रो की डीपीआर मेगा को सौंप दी थी। राज्य सरकार ने केबिनेट में चर्चा कर प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। अब सूरतीयों को केंद्र की हरी झंडी का इंतजार है।

मनपा प्रशासन ने समझा था ट्रैफिक पैटर्न

मेट्रो ट्रेन शुरू कर शहर में तीन टियर सार्वजनिक परिवहन सेवा को अमल में लाने के लिए मनपा प्रशासन ने शहर के विभिन्न रूट्स और अलग-अलग जगह ट्रैफिक पैटर्न सर्वे कराया था। सीइपीटी ने इसके लिए घर-घर जाकर जानकारियां जुटाईं। सीइपीटी की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक मेट्रो शुरू होने के बाद शहर के व्यस्ततम रास्तों से ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सर्वे रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई कि शहर में मेट्रो शुरू होती है तो पहले ही दिन ढाई लाख का ट्रैफिक मिलेगा। वर्ष २०३५ तक यह आंकड़ा बढक़र १५ लाख पार कर जाएगा। मेट्रो शुरू होने के बाद ऑटो रिक्शा कनेक्टिंग रूट्स पर ही चलेंगे।