
बंद पड़े हैं वाहनों के जीपीएस
वापी. नपा के सभी वार्डों में कचरा के लिए जाने वाले वाहनों पर लगाया गया जीपीएस सिस्टम कई महीने से बंद पड़ा है। नगर पालिका के 32 वाहनों में चार लाख से ज्यादा रुपए खर्च कर जीपीएस सिस्टम लगवाया गया था। कुछ समय बाद ही यह बंद हो गया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में हार्दिक शाह के नपा प्रमुख रहने के दौरान विभिन्न विस्तारों में सफाई के लिए कर्मचारियों के न पहुंचने की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए कचरा उठाने वाले वाहनों मे जीपीएस सिस्टम लगाने का निर्णय किया गया था। सामान्य सभा में इसका डेमो भी दिखाया गया था। बताया गया था कि जीपीएस लगने के बाद वाहन लेकर कचरा उठाने के लिए सफाई कर्मी कब कहां जाते हैं, इसकी पूरी जानकारी मिलती रहेगी।
चार लाख के खर्च से नपा के कचरा उठाने वाली 32 गाडिय़ों पर जीपीएस लगाया था। करीब एक साल बाद ही जीपीसी बंद हो गया। इसके बाद से इस योजना का क्या हुआ इस बारे में अधिकारी और पार्षद भी भूल गए। जानकारी के अनुसार जीपीएस लगाने वाली कंपनी का सलाना करीब 80 हजार रुपए रिन्युल शुल्क जमा नहीं करने पर ऐसी नौबत आई है।
तरह तरह के चर्चे
वाहनों के बंद जीपीएस को चालू न करने के संबंध में नपा के ही लोगों में तरह तरह के चर्चे हैं। जानकारी के अनुसार नगर पालिका के ही वाहनों पर विगत में नपा विस्तार के अलावा ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जाकर कचरा लेकर आने के आरोप लगते रहे हैं। जीपीएस लगने के बाद वाहनों की निगरानी होने पर इसमे रोक लगी थी। अब जीपीएस बंद होने से फिर से आरोग्य विभाग के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की मनमानी जारी है। कुछ पार्षदों का मानना है कि पूर्व प्रमुख हार्दिक शाह के समय के कई प्रोजेक्ट्स को या तो बंद कर दिया गया है या उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
नए सिरे से टेंडरिंग का विचार
पूर्व में कुछ दिक्कतों के कारण जीपीएस सिस्टम शुरु नहीं रख पाए। जीपीएस के लिए नपा प्रशासन नए सिरे से टेंन्डरिंग पर विचार कर रहा है। इसमें पूरी तरह से निगरानी व्यवस्था नपा के पास रहेगी।
विट्ठल पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष
Published on:
13 Aug 2018 09:47 pm
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