
SUICIDE : महिला पीएसआई जोशी को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
सूरत. उधना थाने की महिला पुलिस उप निरीक्षक जोशी को रविवार को पोस्टमार्टम के बाद स्मीमेर अस्पताल में गमगीन माहौल में गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर पुलिस महकमे के आलाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने जोशी को श्रद्धाजंली दी। सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद परिजन उनका शव गांव ले गए।
2013 बैच की पुलिस उप निरीक्षक अमिता जोशी (33) अमरेली जिले के घारी की मूल निवासी है तथा उनके सेवानिवृत पिता व भावनगर जिले के घोघा निवासी ससुर भी पुलिस महकमे में थे। पति वैभव व्यास सचिन पुलिस थाने में एमटी ड्राइवर हैं। पिछले तीन वर्षो उधना थाने की पटेलनगर चौकी के प्रभारी के रूप मे तैनात जोशी की इमेज सख्त पुलिस ऑफिसर की थी, लेकिन वे अधीनस्थ पुलिसकर्मियों का भी ख्याल रखती थीं।
लॉकडाउन के दौरान उन्होंने जरुरतमंदों तक खाना पहुंचाने और प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव भेजने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। अपने क्षेत्र में साइकिल चोरी की शिकायत लेकर पिता के साथ आए एक बच्चे को उन्होंने खुद साइकिल दिलाई थी। वे स्पोकन इंग्लिश का कोर्स भी कर रही थीं।
आग तो अपने लगाते हैं...
वे पिछले कुछ समय से वे लगातार मानसिक तनाव में थीं। वे सोशल मीडिया सक्रिय थीं और व्हॉट्सएप आदि पर स्टेट्स भी रखती थीं। पिछले एक सप्ताह से की उनकी पोस्ट गहरे अवसाद से ग्रसित होने की आशंका पैदा करती है। उन्होंने अपने स्टेट्स में लिखा था कि ‘आग तो अपने ही लगाते हैं, गैर तो सिर्फ हवा देते हैं।'
ये था घटनाक्रम :
उल्लेखनीय है कि पीएसआई अमिता जोशी ने शनिवार दोपहर सी/103, फालसावाड़ी पुलिस लाइन स्थित अपने निवास पर खुद को गोलीमार कर आत्महत्या कर ली थी। उनके पति पांच वर्षीय पुत्र और सास ससुर को लेकर भावनगर गए हुए थे। वह नाईट ड्यूटी खत्म कर सुबह अपने घर पर पहुंची थीं। उसके बाद पति से फोन पर उनकी बातचीत हुई थी।
दोपहर साढ़े बारह बजे तक वे फोन पर ऑनलाइन रहीं। इससे पूर्व सालगिरह की शुभकामनाएं देने वालो के मैसेज देखे। उसके बाद उनके पति ने वैभव ने कई कॉल किए, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। तो उन्होंने पुलिस लाइन के इंचार्ज को खबर की। उन्होंने अंदर से बंद फ्लैट का दरवाजा तोड़ा था।
पलंग पर उनका शव पड़ा था। उन्होंने शायद तकिया लगा कर पेट में गोली मारी थी। पुलिस को उनकी डायरी भी मिली। जिसमें वह सुविचार लिखती थीं। डायरी में उन्होंने अंतिम वाक्य ‘जीना मुश्किल है, मरना भी मुश्किल है। मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए’ लिखा था।
पीहर ले गए शव, नौकरी के लेकर वैवाहिक जीवन में कलह की आशंका
चर्चा हैं कि पीएसआई अमिता के वैवाहिक जीवन में कलह था। पति के साथ बातचीत में किसी बात को लेकर उनका विवाद हुआ था। पुलिस ने भी शव उनके पिता को सौंपा है। वे शव उनके पीहर ले गए है। हालांकि उन्होंने पुलिस को क्या बताया हैं इस बारे में पुलिस स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं बता रही है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक आरके धुलिया ने बताया कि जोशी के मात-पिता ने कुछ आरोप लगाए है। उनका कहना हैं कि नौकरी को लेकर वैवाहिक जीवन में कलह था। पांच साल के पुत्र की देखभाल के लिए पति व ससुराल वाले अमिता पर नौकरी छोडऩे के लिए दबाव डाल रहे थे।
जबकि वह ऐसा नहीं चाहती थी, वह पति को नौकरी छोडऩे के लिए कह चुकी थी। हालांकि वे अपना बयान गांव में उनके अंतिम संस्कार के बाद ही दर्ज करवाएगें। तभी स्पष्टतौर पर कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल हमारी जांच जारी है तथा उनके जानकारों व अन्य परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।
Published on:
07 Dec 2020 05:02 pm
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