सूरत

GUJARAT POLITICS: गठबंधन मामले में विधायक पिता-पुत्र आए आमने-सामने

- बीटीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व देडियापाडा के विधायक महेश वसावा ने फिलहाल गठबंधन से किया इंकार-भारतीय ट्राइबल पार्टी के संस्थापक व विधायक छोटू वसावा ने सोमवार को ही की थी बीटीपी व जेडीयू के गठबंधन की घोषणा

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Nov 08, 2022
GUJARAT POLITICS: गठबंधन मामले में विधायक पिता-पुत्र आए आमने-सामने

भरुच. जनतादल (यू) व भारतीय ट्राइबल पार्टी के बीच सोमवार को आई गठबंधन होने की खबर एक दिन बाद मंगलवार को ही कमजोर पड़ गई। गठबंधन मामले में बीटीपी नेता व झगडिय़ा विधायक छोटू वसावा व उनके पुत्र तथा देडियापाड़ा विधायक और बीटीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश वसावा मंगलवार को आमने-सामने आ गए। गठबंधन की घोषणा सोमवार को छोटू वसावा ने की थी और कहा था कि चुनाव में प्रचार के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार गुजरात आएंगे। उधर, मंगलवार सुबह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश वसावा ने किसी तरह के गठबंधन से इंकार कर दिया और कहा कि गठबंधन की जो बात छोटू वसावा ने कही थी वह उनके निजी विचार है। गठबंधन को लेकर पार्टी बैठक में चर्चा की जाती है। बिना किसी चर्चा के कोई बात नही की जाती। पार्टी सबकी है व सबके विचार को ध्यान में रखकर ही काम किया जाता है।
जेडीयू के साथ गठबंधन की बात पर अब विधायक पिता-पुत्र के बीच मतभेद साफ देखने को मिल रहा है। पिछले 30 साल की राजनीति में पहली बार पिता-पुत्र में मतभेद देखने को मिला है जिसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। पांच साल बाद बीटीपी व जेडीयू एक मंच पर आ रहे होने का समाचार सोमवार को छोटू वसावा की घोषणा से ही चलने लगे थे। गुजरात विधानसभा के चुनाव में 25 साल पुराने मित्र जेडीयू नेता व बिहार के सीएम नीतिश कुमार व बीटीपी नेता छोटू वसावा एक बार फिर से एक मंच पर आने की बात सामने आते ही बीटीपी में दरार देखने को मिलने लगी है। उल्लेखनीय है कि इस बार के चुनाव में झगडिय़ा सीट छोटू वसावा अपने किसी परिजन को दे सकते हैं ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही थी और उस पर विराम सोमवार को ही वसावा ने पत्रकार वार्ता में यह कहकर लगाया कि अंतिम समय तक चुनाव लडूंगा। पांच साल बाद एक बार फिर छोटू वसावा अपने पुराने मित्र नीतिशकुमार की ओर झुकाव दिखा रहे थे, वहीं उनके विधायक पुत्र व बीटीपी के राष्ट्रीय प्रमुख महेश वसावा इस निर्णय को स्वीकारने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। महेश वसावा ने अपने पिता छोटू वसावा के सामने बयान देते हुए कहा कि गठबंधन की बात को लेकर दिया गया बयान छोटू वसावा का व्यक्तिगत निर्णय है व इससे बीटीपी का कोई सरोकार नही है। महेश वसावा के इस बयान के बाद गठबंधन की बात की हवा निकल गई है।


-चुनाव के समय वसावा परिवार में आई दरार


राज्य के विधानसभा चुनाव के समय झगडिय़ा के बाहुबली विधायक छोटू वसावा के परिवार में दरार साफ दिखने लगी है। बीटीपी राष्ट्रीय प्रमुख व विधायक महेश वसावा द्वारा गठबंधन की बात से इंकार करने के बाद मंगलवार को छोटू वसावा ने कैमरे के सामने इस बात पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वसावा ने कहा कि यह उनके परिवार की बात है। सूत्रों ने बताया कि चुनाव के समय ही बीटीपी का संगठन टूटने की कगार पर आकर खड़ा हो गया है।

‘स्थानीय नेताओं की हुई अवगणना तो देंगे सामूहिक इस्तीफे’


भाजपा की ओर से अभी भरुच जिले में पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा नही की गई। इससे पहले ही जिले में नेत्रंग, झगडिय़ा व वालिया तहसील के भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नेता को टिकट नहीं मिलने पर सामूहिक इस्तीफे देने की धमकी दी है। राज्य में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद भरुच के भाजपा सांसद मनसुख वसावा की अध्यक्षता में नेत्रंग में पार्टी कार्यकर्ताओ की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नेत्रंग, वालिया व झगडिय़ा तहसील पंचायत के प्रमुख सहित अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने सांसद वसावा से कहा कि झगडिय़ा सीट पर स्थानीय नेताओं को पूछे बगैर किसी प्रत्याशी की घोषणा की गई तो कार्यकर्ता सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। झगडिय़ा से टिकट के लिए अभी तक कुल 16 लोगों ने अपना दावा ठोंका है। सांसद मनसुख वसावा ने इस अवसर पर कहा कि झगडिय़ा से जो नाम पार्टी हाईकमान के पास भेजे गए हैं, उन्हीं में से किसी को टिकट देना चाहिए।

Published on:
08 Nov 2022 09:35 pm
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