
भारी बारिश से खेती को नुकसान
भरुच. जिले में भारी बरसात से 68 हजार हैक्टेयर कृषि जमीन पर खेती को नुकसान हुआ है। एक माह के दौरान जिलेभर में कुल 184 इंच बरसात दर्ज की गई। बरसात आने से पहले की गई बुवाई में से छब्बीस प्रतिशत पहली बरसात में नष्ट हो गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 25 जून से लगातार बरसात का दौर जारी है। खेतों में भरा पानी फसल के लिए संकट खड़ा कर दिया है। जिले में अभी तक मौसम की कुल 72.71 प्रतिशत बरसात हो चुकी है। कृषि विभाग की ओर से जिले की सभी नौ तहसीलों में सर्वे कराया गया, जिसमें पता चला कि बरसात से कृषि पर काफी असर पड़ा है। पिछले वर्ष मानसून में कुल 274 इंच बरसात जिलेभर में दर्ज की गई थी।
लगातार हो रही बरसात से जिले की सभी नौ तहसीलों के खेतों में पानी भर गया है, जिस कारण खड़ी फसल व बोई गई फसल नष्ट हो रही है। किसानों ने बरसात आने से पहले मंहगी दर पर बीज लाकर खेतो में बुवाई की थी, मगर बरसात ने सारा खेल बिगाड़ कर रख दिया है। जिले में अभी तक कुल 2.56 लाख हैक्टेयर जमीन में की गई बुवाई में से 68 हजार हैक्टेयर में फसल को नुकसान हुआ है।
करजन बांध ओवरफ्लो
जिले में राजपीपला के पास स्थित करजन बांध बुधवार को ओवरफ्लो हो गया। बुधवार को बांध का जलस्तर उच्च स्तर 106.31 मीटर को पार करके 107.41 मीटर पर पहुंच गया। करजन बांध में 7478 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। बांध से करजन नदी में 15558 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जिस कारण करजन नदी दोनों किनारो से होकर बहने लगी है। बांध के ओवरफ्लो होने तथा नदी में छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी किनारे के गांवों में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सतर्क कर दिया है। फिलहाल किसी भी गांव में से लोगो का स्थांतरण नही कराया गया है। बांध के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं। बांध के दो गेट को बीस सेमी खोल कर नदी में 15558 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उधर, सरदार सरोवर नर्मदा बांध के जल अधिग्रहण क्षेत्र में वर्तमान में बरसात के थम जाने से उपरी इलाके में 4450 क्यूसेक पानी बांध में आ रहा है। जिस कारण नर्मदा बांध का जलस्तर 111.25 मीटर पर स्थिर चल रहा है। बांध से मुख्य कैनाल में 3995 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
Published on:
25 Jul 2018 11:04 pm
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