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SURAT RAILWAY STATION : जनरल टिकट की बिक्री से 9.04 करोड़ की आय

दीपावली और छठ पूजा के पीक सीजन में सूरत स्टेशन से सिर्फ 11 दिनों में 4.72 लाख यात्रियों ने करंट टिकट खरीदकर अनारक्षित डिब्बे में यात्रा की हैं। इससे सूरत को 7 करोड़ रुपए से अधिक की आय हुई है। वहीं उधना स्टेशन पर इस सीजन के दौरान 94 हजार यात्रियों ने जनरल टिकट खरीदा, जिससे लगभग 1.99 करोड़ रुपए की आमदनी हुई। उधना से अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से पहली बार आय में इतना बड़ा उछाल देखने

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SURAT RAILWAY STATION : जनरल टिकट की बिक्री से 9.04 करोड़ की आय

SURAT RAILWAY STATION : जनरल टिकट की बिक्री से 9.04 करोड़ की आय

दक्षिण गुजरात के अलग-अलग कस्बों में रहने वाले उत्तर भारत के प्रवासी बड़ी संख्या में अपने गांव जाने के लिए सूरत या उधना स्टेशन पहुंचते हैं। इसलिए त्योहारों के सीजन में सूरत, उधना स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ सबसे अधिक देखी जाती है। इस वर्ष दीपावली की भीड़ 6 नवंबर से स्टेशनों पर दिखाई देने लगी थी। पश्चिम रेलवे ने इस वर्ष विभिन्न गंतव्यों के लिए 139 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई, जो पिछले वर्ष चलाई गई ट्रेनों की तुलना में 100 प्रतिशत अधिक थीं। पश्चिम रेलवे की नियमित ट्रेनों के अलावा इन ट्रेनों से लगभग 7 से 8 लाख अतिरिक्त यात्रियों ने सफर किया। इनमें से 59 ट्रेनें गुजरात से गुजरी, जिनमें सूरत और उधना से चलने वाली 23 ट्रेनें शामिल हैं। इसी तरह, मार्ग में आने वाली 31 ट्रेनों का सूरत और उधना में ठहराव दिया गया।

दीपावली के एक दिन पहले 11 नवंबर को सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में यात्रियों के दम घुटने की घटना में एक की मौत तथा पांच यात्रियों की तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद पश्चिम रेलवे मुख्यालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों और मुम्बई मंडल के अधिकारियों ने सूरत और उधना स्टेशन पर अतिरिक्त विशेष ट्रेनों के परिचालन की निगरानी की। ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची की वास्तविक समय के आधार पर दैनिक निगरानी के साथ-साथ भीड़ को कम करने के लिए उधना से 13 अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया गया।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि दीपावली के तीन दिन पहले रोजाना 40 हजार यात्री करंट टिकट खरीदकर यात्रा कर रहे थे। वहीं, छठ पूजा के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या बढक़र रोजाना 53 हजार तक पहुंच गई। सूरत स्टेशन से 6 से 16 नवंबर के दौरान 4,72,885 यात्रियों ने अनारक्षित टिकट पर सफर किया। उधर, उधना के 94,445 यात्रियों से हुई आय को मिलाकर 9 करोड़ 4 लाख 29 हजार 689 रुपए की आय हुई। गौरतलब है कि सूरत में जानलेवा हादसा होने के बाद से यात्रियों को कतार में व्यवस्थित करने के लिए उद्घोषणाएं की गई। यात्रियों की आवाजाही में सुगमता सुनिश्चित की गई। भीड़ से बचाने के लिए यात्रियों को पंक्तिबद्ध कर कोचों में प्रवेश दिया गया। ट्रेन के डिब्बों में यात्रियों को समायोजित करने और जगह बनाने के लिए सूचित किया गया, ताकि बाहर इंतजार कर रहे यात्रियों को भी समायोजित किया जा सके। जो यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके, उन्हें आगे की स्पेशल ट्रेनों की जानकारी दी गई।

उधना स्टेशन को मिला अनारक्षित ट्रेनों का लाभ

उधना स्टेशन पर सूरत-छपरा ताप्ती गंगा, सूरत-भागलपुर, उधना-दानापुर और उधना-जयनगर अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन होता है। इस वर्ष सूरत में हुए हादसे के बाद पश्चिम रेलवे ने उधना स्टेशन से अलग-अलग गंतव्यों जैसे बरौनी, छपरा, कटिहार, भागलपुर, न्यू जलपाईगुड़ी और जयनगर के लिए अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया। इससे उधना स्टेशन पर रोजाना उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या 4-5 हजार से बढक़र दोगुनी 13 हजार तक पहुंच गई। उधना स्टेशन को अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से पहली बार 94,445 यात्रियों ने जनरल टिकट खरीदा। जिससे लगभग 2 करोड़ रुपए की आय हुई।

प्लेटफार्म टिकट बिक्री बंद की

दीपावली और छठ पूजा की भीड़ बढऩे के बाद यात्रियों को नियंत्रित कर पाना मुश्किल हो रहा था। सूरत में हुए हादसे के बाद प्लेटफार्म टिकट बिक्री पर रोक लगा दी गई। 11 से 17 नवंबर तक प्लेटफार्म टिकट बिक्री नहीं हुई। पीक सीजन में कई यात्रियों को स्टेशन छोडऩे आने वाले परिजनों को प्लेटफार्म टिकट नहीं मिलने से परेशानी हुई। कई यात्रियों ने तो सूरत से उधना, नवसारी के लिए जनरल टिकट खरीदकर प्लेटफार्म पर परिजनों को छोडऩे जाने के लिए मजबूर दिखाई दिए।