
सूरत.
आयकर विभाग की डीआई विंग की ओर से मंगलवार को एक बिल्डर ग्रुप और 14 बिटकॉइन निवेशकों पर की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। जांच के दौरान विभाग को 80 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। प्राथमिक तौर पर आयकर विभाग को यहां बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
डीआई विंग ने 100 से अधिक अधिकारियों की टीम के साथ एक बिल्डर के 25 ठिकानों और 15 बिटकॉइन कारोबारियों के यहां छापा मारा था। मंगलवार को जांच के दौरान वराछा के दो यार्न व्यवसायी परिवार के सदस्यों के पिछले तीन साल में बिटकॉइन की खरीद-बिक्री के जरिए 50 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाए जाने का खुलासा हुआ। इसके अलावा एक अन्य निवेशक के यहां जांच के दौरान उसके कम्प्यूटर से 30 करोड़ रुपए बिटकॉइन और अन्य स्थानों पर निवेश किए जाने का खुलासा हुआ। आयकर अधिकारी बिटकॉइन कारोबारियों से यह जानकारी ले रहे हैं कि उनके माध्यम से किन लोगों ने बिटकॉइन की खरीद-बिक्री की है। अभी तक जांच में 100 से अधिक निवेशकों के नाम सामने आए हैं। जिन लोगों ने बिटकॉइन खरीद कर बेच दिए, विभाग उनकी जांच को प्राथमिकता दे रहा है। इसके अलावा बिल्डर के तमाम स्थानों पर कार्रवाई बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बताया जा रहा है कि बैंकों के ट्रांजेक्शन और आरटीजीएस के कारण बिल्डर आयकर विभाग की नजर में आ गया है। प्राथमिक तौर पर आयकर विभाग को यहां बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।
बिटकॉइन कारोबारियों पर सर्विस टैक्स की भी नजर
बिटकॉइन कारोबारियों की समस्या बढ़ती जा रही है। आयकर विभाग की जांच के बाद अब सर्विस टैक्स विभाग भी उनके यहां कार्रवाई करने की तैैयारी कर रहा है। सर्विस टैक्स विभाग ने शहर के शेयर ब्रोकर्स और बिटकॉइन से जुड़े कारोबारियों की सूची तैयार कर ली है। आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद सर्विस टैक्स विभाग कार्रवाई के मूड में हैं।
Published on:
24 Jan 2018 09:30 pm
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