
SURAT CRIME NEWS: जानिए क्यों माता बन गई कुमाता
वापी. धरमपुर के वेरीभवाड़ा गांव में एक महिला को पति का साथ मंजूर नहीं था। उससे दूर जाने के लिए उसने जो कार्य किया, उसका पता चलने पर गांव के लोग भी सन्न रह गए हैं। बताया गया है कि महिला अपनी पांच साल की बेटी और तीन साल के बेटो को नदी में फेंककर कई दिन से मोटी कोरवड़ गांव में रह रही थी। पुलिस के अनुसार वेरीभवाड़ा गांव में जीतू झूलाभाई सापटा अपनी पत्नी तुलसी और पांच वर्षीय बेटी छनीशा तथा तीन साल के बेटे आदित्य के साथ रहता था। मंगलवार को वह गांव के अन्य लोगों के साथ नदी फलिया में मछली पकडऩे गया था। वहां से शाम को लौटने पर देखा तो पत्नी और बच्चे नहीं थे। पड़ोस में पूछताछ की, लेकिन किसी को इस बारे में नहीं मालूम था। उसने सोचा कि पत्नी रिश्तेदार के यहां गई होगी। बुधवार को सुबह उसने अपने रिश्तेदारों के यहां पता किया, लेकिन पत्नी तुलसी और दोनों बच्चों का कहीं पता नहीं चला। इस पर उसने पुलिस को सूचना देकर बच्चों की खोजबीन जारी रखी। बुधवार शाम को धरमपुर के माकड़बन गांव के पाठशाला फलिया में पार नदी किनारे एक बच्ची का शव मिला था। शुरू में पुलिस ने शव को अज्ञात मानते हुए उसकी फोटो जारी कर पहचान की कोशिश शुरू की।
इधर वेरीभवाड़ा गांव के सरपंच ने जीतू को वह फोटो दिखाया तो उसने अपनी बच्ची के शव की पहचान की। इसके बाद पत्नी और बेटे को लेकर उसकी चिंता बढ़ गई। इससे उसने अन्य लोगों के साथ तलाश तेज कर दी। शनिवार को उसकी पत्नी मोटी कोरवड़ गांव से मिली, लेकिन बेटा साथ में नहीं था। उसे घर लाकर सरपंच और अन्य अग्रणियों के बीच जब पूछा गया तो तुलसी ने जो बताया उससे सुनकर लोग दंग रह गए। तुलसी ने बताया कि उसे पति जीतू के साथ रहना मंजूर नहीं था। लिहाजा वह मंगलवार को दोनों बच्चों को लेकर गुस्से में घर से निकल गई। वह उन्हें लेकर पार नदी के किनारे शाम छह बजे पहुंची और नदी की तेज धारा में दोनों को धक्का दे दिया। इसके बाद दोनों बच्चे बह गए। वहां से वह मोटी कोरवड़ चली गई। इस घटना के बाद पति जीतू ने पत्नी के खिलाफ धरमपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस तीन वर्षीय बेटे की खोज में जुटी है।
Published on:
14 Jul 2019 10:43 pm
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