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मॉक ड्रिल के कोच में आग लगने से मची अफरा तफरी

उधना स्टेशन के यार्ड में हादसा, दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया

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मॉक ड्रिल के कोच में आग लगने से मची अफरा तफरी

सूरत.

उधना रेलवे स्टेशन के यार्ड में लोको टीपी साइडिंग पर खड़े तीन कोच में से एक कोच में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लग गई। दमकल विभाग के जवानों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।

दमकल विभाग तथा रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उधना रेलवे स्टेशन के यार्ड में छोटी लोको टीपी साइडिंग पर तीन कोच खड़े थे। इनमें से एक कोच में शुक्रवार दोपहर २.५२ बजे अचानक आग लग गई। उधना स्टेशन मैैनेजर वी.एन. कदम ने दमकल विभाग को सूचना दी। ट्रैफिक निरीक्षक अनुपम शर्मा भी सूचना मिलने पर यार्ड में पहुंच गए। रेल ेकर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का कार्य शुरू किया, लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धुएं का गुब्बार एक-डेढ़ किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था।

डिंडोली फायर स्टेशन के ऑफिसर नीलेश दवे और डुंभाल फायर स्टेशन के बी.एस. सोलंकी दो फायर इंजन तथा दो टैंकर के साथ मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आधे घंटे तक कुलिंग का कार्य किया गया। नीलेश ने बताया कि बेकार कोच में काफी मात्रा में कचरा और कोच के ही कुछ टुकड़े जगह-जगह पड़े हुए थे। रेलवे इन कोच का उपयोग मॉक ड्रिल के लिए करती थी।

इन बेकार कोच के दो साल से यार्ड में खड़े होने की जानकारी मिली है। दमकल विभाग ने आशंका जताई है कि किसी ने कोच में जलती बीड़ी या सिगरेट फेंकी होगी, जिससे आग लगी। उल्लेखनीय है कि उधना स्टेशन के यार्ड में पहले भी कोच में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। रेलवे पुलिस, सूरत के निरीक्षक के. एम. चौधरी ने बताया कि कोच में आग लगने की घटना की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

पुराना बेकार कोच था

उधना यार्ड में जिस कोच में आग लगी, उसे रेलवे ने २०१५ में बेकार घोषित कर दिया था। कोच से अन्य सामग्री निकालने के बाद इसे छोटी लाइन पर रेल कर्मचारियों की ट्रेनिंग के लिए रखा गया था। आग लगने का कारण अभी सामने नहीं आया है।

- सी.आर. गरूड़ा, स्टेशन निदेशक, सूरत