
एनजीआरआइ ने खोला फायदों का पिटारा
सूरत. मनपा प्रशासन की पहल पर तापी नदी की एक्वीफर मैपिंग करने के बाद एनजीआरआइ ने सोमवार को प्रजेंटेशन कर इसके फायदों का पिटारा भी खोल दिया। एनजीआरआइ टीम अधिकारियों से उनकी जरूरतों को समझने के साथ ही संबंधित डाटा भी साथ ले गई है। विभिन्न विभागीय अधिकारियों की जरूरत के मुताबिक एक्वीफर मैपिंग की रिपोर्ट का एनेलेसिस कर हाइड्रोलिक के अलावा मिलने वाले अन्य फायदों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
भविष्य में पानी की जरूरत को देखते हुए मनपा के हाइड्रोलिक विभाग ने तापी नदी में एक्वीफर मैपिंग कराई थी। रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद एनजीआरआइ ने रिपोर्ट रिलीज कर दी थी। रिपोर्ट के आधार पर हाइड्रोलिक टीम ने फे्रंच वेल के लिए टेंडर जारी कर प्रस्ताव मंगाए हैं। इस रिपोर्ट के सहायक लाभ के लिए मनपा प्रशासन ने अन्य विभागों से चर्चा के बाद एनजीआरआइ टीम को सोमवार को सूरत बुलाया था।
रिपोर्ट की यह रही खास बात
सूरत आई टीम ने हाइड्रोलिक विभाग के साथ ही एक्वीफर मैपिंग से होने वाले दूसरे फायदों का पिटारा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। एनजीआरआइ ने बताया कि एक्वीफर मैपिंग की रिपोर्ट के मुताबिक तापी नदी में गाय पगला से सिंगणपोर के कोजवे तक छह जगह एक्वीफर जोन मिला है। इनमें चार जोन तापी नदी में हैं और दो जोन नदी से बाहर। इनमें एक तो गाय पगला के सामने तापी नदी के किनारे पर ही है। दूसरा एक्वीफर जोन अब्रामा में निजी प्लाट पर मिला है। मनपा प्रशासन के मुताबिक एक्वीफर मैपिंग के दौरान इसी स्पॉट पर हैलिकॉप्टर रोका गया था। इसके अलावा मेट्रो ट्रेन के अंडरग्राउंड रूट पर करीब नौ किमी लंबे ट्रैक के लिए भी यह रिपोर्ट प्लानिंग में सहायक साबित होगी। मगदल्ला पर प्रस्तावित कन्वेंशनल बैराज, तापी नदी पर प्रस्तावित नए पुलों और टाउन प्लानिंग के लिए भी रिपोर्ट अहम साबित होगी।
जुटाए तथ्य, तैयार होगी रिपोर्ट
एनजीआरआइ की टीम ने प्रजेंटेशन के दौरान जहां रिपोर्ट के साइलेंट फीचर्स सामने रखे, इससे भविष्य में होने वाले लाभ भी बताए। इस दौरान विभिन्न अन्य अधिकारियों ने अपनी शंकाएं भी सामने रखीं। एनजीआरआइ टीम मेट्रो के भूमिगत ट्रैक, मगदल्ला पर प्रस्तावित कन्वेंशनल बैराज, नदी पर भविष्य में प्रस्तावित पुलों की साइट डिटेल, अन्य जरूरी तथ्य, डिजाइन और अन्य जानकारियां साथ ले गई है। इन तथ्यों के अध्ययन और एक्वीफर मैपिंग की रिपोर्ट के आधार पर एनजीआरआइ नई रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर मनपा प्रशासन के लिए भविष्य के सूरत की तस्वीर खींचना आसान हो जाएगा।
डाउन स्ट्रीम में बढ़ा खारापन
वीयर कम कोजवे की डाउन स्ट्रीम में नदी के दोनों ओर अडाजण तथा अठवा जोन में मगदल्ला तक जमीन में खारापन भी मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक समुद्र के पानी के कारण जमीन के नीचे क्षार बढ़ा है, जिससे यहां पानी निकालने पर उसमें खारापन मिलेगा। यह रिपोर्ट इस क्षेत्र में प्रस्तावित नई कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए भी सहूलियत भरी रहेगी।
इस तरह हुई थी शुरुआत
हाइड्रोलिक टीम ने शुरुआत में एक्वीफर मैपिंग कर नदी में कैविटी स्पॉट्स को समझकर भविष्य की जरूरत के हिसाब से फ्रेंचवेल और पानी के अन्य स्रोतों को खोजने पर फोकस किया था। बाद में धीरे-धीरे साफ हुआ कि यह रिपोर्ट हाइड्रोलिक टीम के साथ ही शहर के समग्र विकास में भी सहायक होने जा रही है। एक्वीफर मैपिंग की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर मनपा का शहरी विकास विभाग नदी किनारे नए निर्माण को मंजूरी देते समय एहतियात बरत सकता है। नए हाइवे या नदी पुलों के साथ ही मगदल्ला में प्रस्तावित कोजवे और कई अन्य प्रोजेक्ट्स में भी यह रिपोर्ट मार्गदर्शक बन सकती है।
यह होंगे खास फायदे
शहर की टाउन प्लानिंग में सहायक होगी रिपोर्ट।
तापी की हाइड्रोलॉजी समझने और नदी की सेहत सुधारने में मदद मिलेगी।
मेट्रो ट्रैक की टनल का रूट तय करने में मदद मिलेगी।
तापी पर बने पुलों के साथ ही भविष्य में बनाए जाने वाले नदी पुलों की लोकेशन तय करने में मदद मिलेगी।
एक्वीफर मैपिंग मगदल्ला में प्रस्तावित वीयर कम कोजवे के निर्माण में सहयोगी रहेगी।
भविष्य में अकाल पड़ा तो पीने का भरपूर पानी उपलब्ध होगा।
Published on:
10 Sep 2018, 9:42 PM IST
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