
Notification of no, dean election for student federation election
सूरत।वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय चुनाव को लेकर पक्षपात करता नजर आ रहा है। एक तरफ छात्रसंघ चुनाव करवाने से विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ मना कर दिया है तो दूसरी तरफ डीन पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
विश्वविद्यालय ने विभिन्न संकायों के डीन पद के चुनाव को लेकर वेबसाइट पर अधिसूचना जारी कर दी है। विज्ञान, कानून, मैनेजमेंट और ग्राम अभ्यास के डीन पद के लिए चुनाव की घोषणा की गई है। इन सभी पदों के लिए 5 मार्च तक नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। 6 मार्च को नामांकनों की जांच होगी। 8 मार्च को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इन पदों के लिए 12 मार्च को मतदान होगा। पद की योग्यता और चुनाव से संबंधित नियमों की जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी की गई है। कई महीने से छात्रसंघ चुनाव की मांग हो रही है, लेकिन इस संदर्भ में किसी तरह की घोषणा नहीं की जा रही है। सिंडीकेट की पिछली बैठक में छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा शामिल किया गया था। बैठक से ठीक पहले सभी महाविद्यालयों से चुनाव के संबंध में राय मांगी गई थी। ज्यादातर महाविद्यालयों ने सिलेक्शन के पक्ष में राय दी थी। सिंडीकेट ने भी सिलेक्शन का निर्णय किया। इस निर्णय के खिलाफ छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
सिंडीकेट की बैठक से पहले ज्यादातर सदस्य चुनाव के पक्ष में थे, लेकिन बैठक में सभी ने अपनी राय बदल ली। डीन पद के चुनाव में ज्यादातर प्राचार्य खड़े होते हैं। यह वही प्राचार्य हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय को महासिचव पद के चुनाव नहीं करवाने की राय दी थी और कुलपति पर छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने का दबाव बनाया था।
गुजरात में माल परिवहन पर ई-वे बिल से छूट
गुजरात सरकार ने राज्य में ही माल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से ई-वे बिल हटा लिया है। इसके पहले के नियम के अनुसार 19 वस्तुओं पर 21 फरवरी से ई-वे बिल लागू होना था। सूरत के कपड़ा व्यापारी ई-वे बिल को लेकर चिंतित थे। व्यापारियों ने ई-वे बिल स्थगित करने के लिए राज्य सरकार से कई बार गुहार लगाई। राज्य के जीएसटी कमिश्नर पी.डी. वाघेला को व्यापारियों ने सूरत में छोटे-छोटे जॉब वर्क करने वालों से मिलाया और उनकी समस्या बताई। इसके बाद राज्य सरकार ने 29 जनवरी को जारी परिपत्र में सिर्फ 19 वस्तुओं पर ई-वे बिल लागू रखने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ भी व्यापारियों ने आवाज उठाई। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने तमाम वस्तुओं को ई-वे से मुक्ति दे दी है।
सीए एस.के. काबरा ने बताया कि इससे व्यापारियों को राहत होगी।
Published on:
17 Feb 2018 10:38 pm
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