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स्कूल है शिक्षक नहीं

एक ही अध्यापक के भरोसे है बच्चों की शिक्षा-दीक्षा, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

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सूरत

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Vineet Sharma

Sep 07, 2018

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स्कूल है शिक्षक नहीं

खेरगाम. चिखली तहसील के आमदरा गांव में पांचवी कक्षा तक की स्कूल में एक ही शिक्षक के कारण होने वाली समस्या के खिलाफ ग्रामीणों ने मामलतदार और टीडीओ को ज्ञापन दिया है।

गांव की सरपंच रुपल बेन पटेल और तहसील पंचायत सदस्य कल्पेश पटेल की अगुवाई में काफी संख्या में ग्रामीण तहसीलदार एमआर वसावा और टीडीओ काजल गामित से मिले। एक ही शिक्षक के कारण छात्रों की पढाई पर हो रहे प्रतिकूल प्रभाव से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। लोगों ने जल्द से जल्द सामर मोहल्ले स्थित इस स्कूल में नए अध्यापक नियुक्त करने की मांग की।

बताया गया है कि सात महीने से स्कूल में एक ही शिक्षक है। स्कूल में 39 छात्र पढ़ते हैं। ग्रामीणों द्वारा इससे पहले भी स्कूल में अध्यापक बढ़ाने की मांग की गई है। तहसीलदार को ज्ञापन देकर 15 सितंबर तक स्कूल में शिक्षक नियुक्त न करने पर लोगों ने शैक्षणिक कार्य बंद करवाकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों ने कहा कि पांच फरवरी को स्कूल के एक शिक्षक का तबादला सीआरसी में कर दिया गया था। उसके बाद से 39 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी एक ही शिक्षक पर है। स्कूल के सभी विद्यार्थी गरीब व आदिवासी परिवारों के हंै। लोगों ने शिक्षण समिति पर इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया है।

सरपंच रखती हैं ख्याल

विद्यालय में एक ही शिक्षक होने के कारण स्कूल की जिम्मेदारी भी सरपंच निभा रही हैं। किसी कार्य से शिक्षक के बाहर जाने पर सरपंच रुपल बेन पटेल स्कूल में आकर विद्यार्थियों का ध्यान रखती हैं। उच्च स्तर तक इसकी शिकायत पर भी शिक्षक की कमी दूर न करने से नाराजगी बढती जा रही है और अब आंदोलन के मूड में हैं। इंचार्ज तहसील शिक्षा अधिकारी हरीश भाई ने बताया कि सभी जगहों पर इस तरह की समस्या है। जहां शिक्षक ज्यादा होंगे, वहां से इस स्कूल में नियुक्त किए जाएंगे।