रेलवे बोर्ड और डाक विभाग के अधिकारियों के साथ दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बैठक, सूरत से देशभर के शहरों में कपड़ा पार्सल पहुंचाने की व्यवस्था पर हुई चर्चा, कपड़ा मंडियों तक जाने वाली ट्रेनों में टेक्सटाइल पार्सल बोगी जोड़ने की मांग
सूरत. रेलवे बोर्ड और डाक विभाग के अधिकारियों के साथ दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की बैठक में टेक्सटाइल पार्सल पहुंचाने के लिए देशभर में लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। कपड़ा कारोबारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि रोड से पार्सल भेजने में समय और लागत दोनों बढ़ रही हैं। देशभर की कपड़ा मंडियों तक सूरत से ट्रेनें चलती हैं। सूरत से जयपुर, कोलकाता आदि की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में कपड़ा पार्सल की बोगी जोड़ दी जाए तो कपड़ा कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सूरत से देश के अन्य शहरों में कपड़ा पार्सल पहुंचाने के लिए रेलवे से विशेष ट्रेनें चलाने की मांग की।देशभर की कपड़ा मंडियों का सूरत से रेल कनेक्शन बनाने और रेल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा के लिए दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने रेलवे बोर्ड और डाक विभाग के अधिकारियों के साथ सरसाणा स्थित चैम्बर दफ्तर में एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में रेलवे बोर्ड के स्ट्रेटेजिक प्लानिंग एंड कम्प्लीमेंटेशन के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर जीवीएल सत्यकुमार और दक्षिण गुजरात क्षेत्र की डाक सेवाओं के निदेशक डॉ. शिवराम की मौजूदगी में इस बात पर चर्चा की गई कि सूरत शहर के कपड़ा बाजार से साड़ी, ड्रेस सामग्री, दुपट्टे सहित अन्य उत्पादों के पार्सल रेलवे और डाक विभाग द्वारा देश के अन्य शहरों में आसानी से कैसे भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा रेलवे और डाक विभाग के पार्सल का किराया, कलेक्शन सेंटर, पार्सल बुकिंग की व्यवस्था, लॉजिस्टिक व्यवस्था सहित दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। कपड़ा कारोबारियों ने कहा कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। चैम्बर प्रमुख हिमांशु बोडावाला ने कहा कि देश के अन्य शहरों तक कपड़ा पार्सल पहुंचाने के लिए रेलवे प्रणाली द्वारा विशेष ट्रेनें चलाई जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सूरत से जयपुर, कोलकाता और दूसरी महत्वपूर्ण कपड़ा मंडियों को जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में कपड़ा पार्सल की एक अलग बोगी लगाई जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि कपड़ा पार्सल की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। कपड़ा पार्सल के डोर-टू-डोर कलेक्शन में भी सहयोग की मांग की।
जीवीएल सत्यकुमार ने कहा कि सूरत से कपड़ा पार्सल वाराणसी भेजे जा रहे हैं। रेलवे ने सूरत से देश के अन्य शहरों में भी ट्रेन से कपड़ा पार्सल पहुंचाने की पहल की है। जनवरी 2023 से रेलवे और डाक विभाग की ओर से नियमित ट्रेनों में कपड़े के पार्सल भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने एक मोबाइल ऐप भी बनाया है, जिसमें कपड़ा कारोबारियों को सामान्य बुकिंग फीचर से अलर्ट किया जाएगा। कपड़ा बाजारों में हिंदी भाषा में पैम्फलेट वितरित करने के साथ ही रेलवे वीडियो संदेश के माध्यम से कपड़ा व्यापारियों को जागरूक करेगा। चैंबर के मानद मंत्री भावेश टेलर ने बैठक का संचालन किया। चैंबर के मानद कोषाध्यक्ष भावेश गढि़या ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सूरत रेलवे स्टेशन के निदेशक मुकेश कुमार, चैंबर की रेलवे समिति के अध्यक्ष राकेश शाह और सह-अध्यक्ष बिपिन पटेल समेत कपड़ा कारोबारी मौजूद रहे।