
गणेश चतुर्थी के अवसर पर हजारों पंडालों में मंत्रों की गूंज के साथ गणेश विराजमान हो गए।

सर्वाधिक प्रतिमाओं की स्थापना दोपहर अभिजित मुहूर्त के दौरान की गई।

सजे पंडालों में सुबह बाजे-गाजे के साथ आयोजक मंडल के सदस्य एवं भक्त गणपति, गोरी-गणेश, मंगलमूर्ति प्रतिमाओं को लेकर पहुंचे।

विघ्नविनायक की भाव-भक्ति के माहौल में स्थापना की गई।