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सीडी को पायरेटेड साबित करने में पुलिस नाकाम

कोर्ट ने अभियुक्त को बरी किया

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सूरत. पायरेटेड सीडी और डीवीडी का जत्था पुलिस की ओर से एफएसएल नहीं भेजे जाने का लाभ अभियुक्त को मिल गया। पुलिस की इस लापरवाही के कारण आरोप साबित नहीं हो पाया और कोर्ट ने अभियुक्त को बरी कर दिया।


कापोद्रा बरोड़ा प्रिस्टेज के पास श्रीजी म्यूजिक नाम की दुकान में हिंदी फिल्मों के गानों और फिल्मों की पायरेटेड सीडी तथा डीवीडी की बिक्री की सूचना मिलने पर 4 जून, 2011 को पुलिस ने दुकान में छापा मारकर करीब दो हजार पायरेटेड सीडी और डीवीडी जब्त की थीं। पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दुकान संचालक हितेश जितेन्द्र दवे को गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ चार्जशीट पेश किए जाने के बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अश्विन जोगडिय़ा ने दलीलें पेश कीं कि पुलिस ने जो सीडी और डीवीडी जब्त की थीं, उन पर किसी कंपनी का मार्का नहीं था। पुलिस ने यह जांच नहीं की कि सीडी किस कंपनी की और किस फिल्म की थी। सीडी और डीवीडी पायरेटेड होने से संबंधित कोई सबूत अभियोजन पक्ष की ओर से पेश नहीं किया गया और न ही जत्थे को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्त को आरोपों से बरी कर दिया।

बीमा कंपनी को ग्राहक कोर्ट से लगा झटका


सूरत. अधूरे दस्तावेज का हवाला देकर मेडिक्लेम नामंजूर करने वाली बीमा कंपनी को ग्राहक कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता की याचिका मंजूर करते हुए बीमा कंपनी को क्लेम की राशि 17,533 रुपए 8 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने का आदेश दिया।
पाल कैनाल रोड की श्रीपद रेजिडेंसी निवासी चारू मनीष ध्रांगड ने वर्ष 2013 में मेक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से मेडिक्लेम खरीदा था। बीमा की अवधि के दौरान चारू को बुखार और गैसट्रिक के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया। उपचार पर 17,533 रुपए के खर्च के लिए उसने बीमा कंपनी में आवेदन किया था, लेकिन दस्तावेज अधूरे होने का कारण बताकर कंपनी ने क्लेम नामंजूर कर दिया। चारू ने अधिवक्ता मोना कपूर के जरिए बीमा कंपनी के खिलाफ ग्राहक कोर्ट में शिकायत याचिका दायर की। अंतिम सुनवाई के बाद अधिवक्ता कपूर की दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली और 17,533 रुपए याचिका दायर करने की तारीख से 8 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने का आदेश दिया।