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समझो इशारे… जंगल में ऐसे होगा मंगल

प्रजेंटेशन से समझा अर्बन फॉरेस्ट कंसेप्ट, खाड़ी किनारे छह लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में प्रस्तावित है अर्बन फॉरेस्ट जोन

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सूरत

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Vineet Sharma

Aug 31, 2018

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समझो इशारे... जंगल में ऐसे होगा मंगल

सूरत. प्रजेंटेशन के माध्यम से स्थाई समिति ने शुक्रवार को शहरी वनीकरण प्रोजेक्ट को समझा। शहर में लगातार घटते हरित घनत्व को बढ़ाने के लिए मनपा प्रशासन शहर में खाडिय़ों किनारे अर्बन फॉरेस्ट जोन विकसित करने जा रहा है। इसमें गांधी कुटीर ब्रिज से भीमराड-बमरोली ब्रिज तक करीब डेढ़ रनिंग किमी लंबी पट्टी के छह लाख वर्ग मीटर क्षेत्र को अर्बन फॉरेस्ट जोन के रूप मेंं विकसित किया जाना है।

बढ़ते शहरीकरण और आवासीय तथा कमर्शियल जरूरतों को पूरा करने के लिए वन क्षेत्र की जगह हो रहे कंक्रीट के विकास का असर शहर के हरित घनत्व पर पड़ रहा है। सूरत दुनिया के तेजी से विकसित हो रहे शीर्ष शहरों की सूची में है। ऐसे में शहर पर आवासीय जरूरतों को पूरा करने का दबाव तो है ही, औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी हरियाली की भेंट चढ़ाई जा रही है।

लगातार घटते वन क्षेत्र की चुनौती से निपटने के लिए मनपा प्रशासन ने शहरी वनीकरण की राह पकड़ी है। इसके तहत खाड़ी किनारे अर्बन फॉरेस्ट जोन बनाया जाएगा। खाडिय़ों के किनारे छह लाख वर्ग मीटर क्षेत्र का करीब डेढ़ रनिंग किमी लंबा नेचुरल ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा, जिसमें सघन वन के लिए पौधारोपण होगा। इससे जहां हरित घनत्व बढ़ाने में मदद मिलेगी, खाडिय़ों की बदबू भी दूर होगी। ५० करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में लोगों को आकर्षित करने के लिए वॉक वे समेत रिक्रिएशन के अन्य विकल्प भी मौजूद रहेंगे।

स्थाई समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में मनपा प्रशासन ने शहरी वनीकरण के इस प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत गांधी कुटीर ब्रिज से अलथाण-बमरोली ब्रिज होते हुए भीमराड-बमरोली ब्रिज तक के डेढ़ रनिंग किमी लंबे रास्ते में आ रही नेचुरल वाटर बॉडीज को संरक्षित किया जाएगा।

इस रास्ते में कई छोटी खाडिय़ां हैं, जो संरक्षण के अभाव में गंदगी का ढेर बनकर उपेक्षित हैं। करीब छह लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में डेढ़ किमी के रास्तेभर सघन वन लोगों के लिए ऑक्सीजन जनरेटिंग कॉर्नर के रूप में काम करेगा। लोगों को सुबह घूमने के लिए जॉगिंग ट्रैक, पार्किंग जोन और बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया भी विकसित किया जाएगा।