
उधना यार्ड के पिट लाइन में गंदगी, स्वच्छता में लापरवाही से रेलवे कर्मचारी परेशान
मुम्बई रेल मंडल में सूरत, उधना मुम्बई-अहमदाबाद तथा नई दिल्ली रूट पर सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है। सूरत स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की सीमित संख्या तथा वाशिंग लाइन यार्ड में ट्रेनों के रख-रखाव की जगह नहीं होने के कारण ट्रेनों को चलाने में काफी दिक्कत होती थी। इसलिए, उधना स्टेशन पर 24 कोच वाली ट्रेनों की साफ-सफाई और मरम्मत के लिए पिट लाइन 11 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई। इससे उधना स्टेशन से शुरू होने तथा ताप्ती लाइन पर चलने वाली ट्रेनों का रख-रखाव आसान हो गया है, लेकिन पिछले कुछ समय से उधना पिट लाइन में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ती हुई दिखाई देती हैं।
सूत्रों ने बताया कि उधना स्टेशन के पिट लाइन में ट्रेनों की साफ-सफाई होने के बाद लंबे समय तक गंदगी उठाई नहीं जाती है। पिट लाइन में कार्य करने वाले कर्मचारियों को गंदगी के बीच ट्रेनों का रख-रखाव कार्य करना होता है। कई बार गंदगी के साथ पानी का जमावड़ा देखने को मिलता है। पिट लाइन में हाई वोल्टेज इलेक्ट्रिक सप्लाई होने के कारण कर्मचारियों में भय का माहौल होता है। स्थानीय कर्मचारियों ने कई बार अपने सीनियर अधिकारियों को गंदगी के बारे में शिकायत की है, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। अब रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे यूनियन के माध्यम से भी मुम्बई मंडल के अधिकारियों को शिकायत भेजी है। - सीजन में स्पेशल ट्रेनों का संचालन अधिक दूसरी तरफ अधिकारियों ने बताया कि उधना स्टेशन से शुरू होने नियमित ट्रेनें जैसे उधना-दानापुर एक्सप्रेस, उधना-वाराणसी भोलेनगरी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का रख-रखाव उधना पिट लाइन पर किया जाता है। वहीं, सीजन में स्पेशल ट्रेनों का संचालन अधिक होता है।
ऐसे समय में ट्रेनों की संख्या बढऩे के साथ कर्मचारियों पर भी कार्य का भार बढ़ जाता है। पिट लाइन की सफाई का ठेका स्टेशन से अलग होता है और उसकी जिम्मेदारी स्थानीय विभाग ही संभालता है। गौरतलब है कि सूरत और उधना स्टेशन पर पिट लाइन की सुविधा होने से ट्रेनों के रख-रखाव में काफी आसानी हुई है। सूरत के अलावा ट्रेनों की साफ-सफाई उधना स्टेशन के यार्ड में संभव हुई है। पिछले दिनों सूरत के पिट लाइन में भी गंदगी की शिकायतें उठी थी।
Published on:
28 Mar 2024, 8:51 PM IST
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