31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुजरात का ‘राजा’ भी हरियाणा के ‘सुल्तान’ से कम नहीं

हरियाणा के सुल्तान और युवराज जैसे भैंसों के बारे में तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन गुजरात का ‘राजा’ भैंसा भी उनसे कम नहीं जो एक बार देखने में हाथी जैसा भीमकाय दिखता है। तापी जिले की डोलवण तहसील के कल्कवा गांव में किसान जयेश पटेल का भैंसा राजा आस-पास के इलाकों के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। किसान जयेश ने बताया कि इसी साल अप्रेल में राजा के शरीर की नाप-चौख

2 min read
Google source verification
'Raja' of Gujarat is not less than 'Sultan' of Haryana

'Raja' of Gujarat is not less than 'Sultan' of Haryana

सूरत।हरियाणा के सुल्तान और युवराज जैसे भैंसों के बारे में तो अधिकतर लोग जानते हैं, लेकिन गुजरात का ‘राजा’ भैंसा भी उनसे कम नहीं जो एक बार देखने में हाथी जैसा भीमकाय दिखता है। तापी जिले की डोलवण तहसील के कल्कवा गांव में किसान जयेश पटेल का भैंसा राजा आस-पास के इलाकों के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। किसान जयेश ने बताया कि इसी साल अप्रेल में राजा के शरीर की नाप-चौख की गई तो वह 10 फीट लम्बा, 5.8 फीट ऊंचा और 1200 किलोग्राम वजन का निकला। जाफराबादी नस्ल के इस भैंसे को उन्होंने सौराष्ट्र के गिर-सोमनाथ जिले के माणावदर गांव से अपने ही परिजनों से चार साल पहले खरीदा था। आपको बता दें कि कुछ समय पहले हरियाणा के कैथल में किसान रामनरेश बेनीवाल का 1700 किलो वजनी भैंसा सुल्तान खूब चर्चाओं में आया था।


भैंसे की प्रत्येक गतिविधियों के बारे में इंटरनेट पर वीडियो भी खूब वायरल हुए थे। लेकिन तापी जिले के खेत-खलिहानों में घूमने वाला राजा फिलहाल ‘ग्लैमर’ की चकाचौंध से दूर है। उसका मालिक अपने शौक और सेवा के उद्देश्य से महंगा होते हुए भी उसे पाल-पोस रहा है।


लाखों रुपए लगा दिए राजा की सेवा में

जाफराबादी नस्ल वाली भैंस की चाहत में जयेश के यहां पर राजा से मिलने के लिए जिले के और सूरत, वड़ोदरा, डांग और महाराष्ट्र तक से किसान अपनी भैंसों लेकर आते है। जयेश ने बताया कि वे शौक से राजा को पाल रहे हैं। वे एक भैंस मालिक से पांच सौ रुपए लेते हैं। दिनभर में तीन से चार भैंस मालिक आते हैं। राजा को खरीदने के लिए कई किसान लाखों रुपए की पेशकश तक कर चुके हैं।

३० किलो चारा खाता है

राजा प्रतिदिन 30 किलो से ज्यादा हरा, सूखा और मिक्स चारा खाता है। इससे डेढ़ गुना पानी पीता है। उसे घूमाने-फिराने आदि पर दिनभर में आठ घंटे लगते है। जयेश ने बताया कि वे सुबह साढ़े चार से साढ़े आठ बजे तक, दोपहर में एक से दो बजे तक और शाम पांच से रात आठ बजे तक राजा और उसकी नस्ल के 3-4 माह के तीन भैंसों और 15 दिन के एक पाडे (भैंस का बच्चा) की देखभाल करते हैं। जाफराबादी नस्ल की भैंस और अन्य पशुओं से दिन में करीब 50 लीटर दूध मिलता है जिसे निकालने में भी डेढ़ से दो घंटे लगते हैं।

नहीं हुई क्षमता की जांच

&व्यारा पशु चिकित्सालय में कई बार राजा के सीमेन की क्षमता की जांच की मांग के बावजूद कभी लैब परीक्षण नहीं किया गया। हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रमाणपत्र अवश्य जारी किया है।
जयेश पटेल, राजा का पालक किसान

दिनेश भारद्वाज

Story Loader