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रामायण नृत्यनाटिका ने मोहा मन

वनबंधु परिषद की ओर से शनिवार रात वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में अभिनेत्री ईशा देओल अभिनीत रामायण...

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Ramayana's dance form

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सूरत।वनबंधु परिषद की ओर से शनिवार रात वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कन्वेंशन हॉल में अभिनेत्री ईशा देओल अभिनीत रामायण नृत्यनाटिका की बेहतरीन प्रस्तुति दी गई। ईशा के साथ सहयोगी के तौर पर टीवी सीरियल फेम प्रदीप जेटली, प्रदीप शर्मा समेत 50 कलाकारों ने दो घण्टे तक मंच पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम की शुरुआत में वनबंधु परिषद के एकल अभियान सहित अन्य सेवाकार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके बाद क्षीरसागर में श्री लक्ष्मीहरि की वंदना के साथ नृत्यनाटिका की शुरुआत हुई। अयोध्या के चारों राजकुमार गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा-दीक्षा पाकर राजा दशरथ के महल लौटते हैं तो अयोध्यावासी खुशियां मनाते हैं। इसी पल महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास पहुंचते हैं और उनसे राम-लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा के लिए मांगते हैं तो गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ को अनुमति देते हंै। वन में दोनों राजकुमारों ने यज्ञ रक्षा करते हुए ताडक़ा-सुबाहु का वध किया। वहां से महर्षि विश्वामित्र राम-लक्ष्मण को साथ लेकर जनकपुरी सीता स्वयंवर में पहुंचते हैं। यहां पुष्पवाटिका में श्रीराम से सीता से भेंट होती है और बाद में शिव धनुष तोड़ते हंै।

भगवान परशुराम और शेषनाग के अवतार लक्ष्मण के बीच तीखी बहस के दृश्य का भी मंचन किया गया। सीता स्वयंवर में विजयी राम सीता को लेकर अयोध्या आते हैं पर नगरवासियों की खुशी पर कुटिल मंथरा पानी फेर देती है और राम, लक्ष्मण, सीता के साथ वन गमन को जाते हैं। दूसरे भाग में सीता हरण, हनुमान मिलन, राम रावण युद्ध और अयोध्या वापसी की लीला का भी सुंदर मंचन किया गया। रामायण नृत्यनाटिका का मंचन एकल अभियान के सहयोगार्थ वनबंधु परिषद ने आयोजित किया था। इस मौके पर परिषद के अध्यक्ष श्याम गर्ग, मंत्री सुरेश अग्रवाल, संगठन मंत्री राजकुमार अग्रवाल, बाबूलाल मित्तल, महेश मित्तल, दिलीप लाखी समेत अन्य कई मेहमान व लोग मौजूद थे।

भागवत कथा में वामन अवतार

श्रीकुरुक्षेत्र श्मशान भूमि जीर्णोद्धार ट्रस्ट की ओर से जहांगीरपुरा के तापी नदी के कुरुक्षेत्र घाट पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को भगवान वामन अवतार का प्रसंग व्यासपीठ से ऋषिकुमार कुणाल पाठक ने श्रद्धालुओं को सुनाया। सुबह कथा के दौरान वक्ता ने बताया कि दानवीर बलि के अहंकार का मर्दन करने के लिए भगवान ने वामन रूप चुना। कथा में रविवार को वक्ता श्रीरामजन्म समेत अन्य वृतांत श्रद्धालुओं को सुनाए जाएंगे।