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लगातार गिर रहा है हीरे का निर्यात, जनवरी में आई 18.46 फीसदी की गिरावट

सूरत में उत्पादित कट और पॉलिश किए हीरों का सबसे बड़ा ग्राहक अमरीका है। यहां से अकेले 50 फीसदी से ज्यादा हीरे अमरीका जाते हैं, लेकिन इन दिनों मंदी के कारण अमरीका में हीरों व आभूषणों की मांग घट गई है। इसका सीधा असर सूरत के हीरा उद्योग पर दिख रहा है।
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सूरत

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Suresh Vyas

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Updated: 25 Feb 2024, 6:04 PM IST

लगातार गिर रहा है हीरे का निर्यात, जनवरी में आई 18.46 फीसदी की गिरावट

लगातार गिर रहा है हीरे का निर्यात, जनवरी में आई 18.46 फीसदी की गिरावट,लगातार गिर रहा है हीरे का निर्यात, जनवरी में आई 18.46 फीसदी की गिरावट,लगातार गिर रहा है हीरे का निर्यात, जनवरी में आई 18.46 फीसदी की गिरावट

सूरत. विदेशी मांग में कमी के चलते सूरत का हीरा उद्योग अब भी मंदी की मार झेल रहा है। पिछले छह महीनों से निर्यात लगातार गिर रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस साल जनवरी में कट और पॉलिश हीरों के निर्यात में 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इससे घरेलू हीरा उद्योग में निराशा का माहौल है। सूरत में उत्पादित कट और पॉलिश किए हीरों का सबसे बड़ा ग्राहक अमरीका है। यहां से अकेले 50 फीसदी से ज्यादा हीरे अमरीका जाते हैं, लेकिन इन दिनों मंदी के कारण अमरीका में हीरों व आभूषणों की मांग घट गई है। इसका सीधा असर सूरत के हीरा उद्योग पर दिख रहा है।

सूरत के हीरा उद्यमियों तैयार माल की मांग में गिरावट के मद्देनजर उत्पादन कम करते हुए गत दिसंबर में कच्चे हीरे की खरीद पर ब्रेक लगा दिया था, लेकिन इसका कोई असर नही पड़ा। हीरा उद्योग अब भी मंदी में फंसा हुआ है। जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष जनवरी में 11831.90 करोड़ रुपए के कट-पॉलिश हीरे निर्यात किए गए, जबकि इस साल यह आंकड़ा 9647 करोड़ रुपए ही रह गया यानी निर्यात में 19.46 फीसदी की कमी आई है।घरेलू मांग से है उम्मीद

वहीं लैब ग्रोन डायमंड में 10 फीसदी डिमांड बढ़ी है। पिछले जनवरी में 844.88 करोड़ रुपए के मुकाबले इस वर्ष जनवरी में 946.10 करोड़ के लैब ग्रोन हीरों का निर्यात हुआ। हीरा उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि विदेशों में मंदी के कारण आभूषणों की मांग घट गई है। इससे रत्न एवं आभूषण क्षेत्र प्रभावित हुआ है। हालांकि भारत में इस समय कारोबार अच्छा है और आने वाले दिनों में शादी के सीजन के कारण हल्के, मध्यम और भारी सभी प्रकार के आभूषणों की मांग अच्छी रहने की संभावना है।

छह माह में यूं घटा निर्यात

अगस्त ----24.64 प्रतिशत

सितम्बर----18.79 प्रतिशत

अक्टूबर----32.70 प्रतिशत

नवंबर ---- 9.65 प्रतिशत

दिसम्बर----31.42 प्रतिशत

जनवरी----18.46 प्रतिशत

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