- 7800 करोड़ के ऑनलाइन सट्टा-बैटिंग रैकेट के मामले में थी तलाश- सूरत पुलिस की ईको सेल ने निकलवाया था लुक ऑउट नोटिस
सूरत. करीब दो माह पूर्व सामने आए 7800 करोड़ रुपए के ऑनलाइन सट्टा-बैटिंग रैकेट से जुड़े दीनू भरवाड़ को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पकड़ा गया है। सूरत पुलिस की आर्थिक अपराध निरोधक शाखा (ईको सेल) ने सूरत लाकर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
ईको सेल के पुलिस निरीक्षक ए.वाई.बलोच ने बताया कि आरोपी दीनू खंभाती उर्फ दिनेश भरवाड़ आणंद जिले के खंभात का मूल निवासी है तथा पूर्व में अहमदाबाद के सेटेलाइट क्षेत्र में रहता था। दीनू अन्य आरोपियों के साथ मिल कर दुबई से ऑनलाइन सट्टा-बैटिंग का रैकेट चला रहा था। लंदन में रह रहा था।
ईको सेल को पता चला था कि वह गुपचुप भारत आता रहता है। जिसके चलते ईको सेल ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करवाया था। कुछ दिन पूर्व वह लंदन से दुबई आया और वहां से वाया फुकेट दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा। जहां एयरपोर्ट पर उसे पकड़ लिया गया।
उसके मोबाइल से करीब 250 से अधिक फर्जी बैंक खातों की डिटेल मिली थी। जिनमें सट्टा बैटिंग से जुड़े करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन हैं। इन ट्रांजेक्शनों के बारे में पूछताछ जारी है। यहां उल्लेखनीय हैं कि गत एक अक्टूबर को ईको सेल ने डिंडोली राजहंस माल के एक कार्यालय पर छापा मारा था।
वहां से हरिश जरीवाला व ऋषिकेश शिंदे को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खातों, फर्जी पेढिय़ों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे। जिनकी जांच में दुबई से संचालित होने वाली तीन ऑनलाइन सट्टा बैटिंग वेबसाइटों के करोड़ों रुपए के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ था।
उसके बाद इस मामले से जुड़े हुजेफा मकासरवाला, राज शाह, पार्थ भट्ट, कनु ठाकोर,नरेश दरजी व भीखा व्यास को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। दीनू भरवाड़ समेत अन्य २६ आरोपी फरार थे।
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ट्रैफिक पुसिल ने बांधे नेक सेफ्टी बैल्ट बांधे
सूरत.राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने सामाजिक संस्थाओं की मदद से दुपहिया वाहन चालकों को मुफ्त नेक सेफ्टी बैल्ट वितरण किया। अठवालाइन्स स्थित चौपाटी सर्कल पर पुलिसकर्मियों ने दुपहिया वाहन चाालकों को रोक कर सेफ्टी बैल्ट बांधे साथ ही यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया। यहां गौरतलब है कि मकर संक्राति (उतरायण) पर शहर में बड़े पैमाने पर होने वाली पंतग बाजी के चलते कई दुपहिया वाहन चालक पंतग की डोर के शिकार होते है। घातक डोर से गला कटने के कारण कई लोगों की मौत भी होती हैं।
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